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हीरो का मूड ठीक रखना पड़ता है | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
किसी भी फ़िल्म में सुंदर हीरो हीरोईनों के पीछे हाथ होता है मेकअप मैन का और इन्हीं पर दारोमदार होता है किसी भी हीरो या हीरोईन का मूड अच्छा रखने का. जी हां सलमान खान हों या आमिर खान या फिर संजय दत्त. इन सभी के लिए मेकअप मैन बहुत ज़रुरी होता है क्योंकि इन्हें पूरा अधिकार होता है उनके चेहरे से खेलने का और अगर चेहरे में गड़बड़ हो जाए तो स्टार की बिसात ही क्या. मेकअप मैन का काम बहुत कठिन तो नहीं लेकिन महत्वपूर्ण निश्चित रुप से है. रामगोपाल वर्मा की आग में अमिताभ का गेटअप हो या फिर सरदार के वेश में अक्षय कुमार.. असली कमाल मेकअप मैन करता है. इंडस्ट्री में दो तरह के मेकअप मैन होते हैं. एक तो फ़िल्म अभिनेताओं का पर्सनल मेकअप मैन और दूसरा कंपनी मेकअप मैन. दीपक खराडे अभिनेता राहुल बोस के निजी मेकअप मैन हैं यानि राहुल का मेकअप हर फ़िल्म में उन्हीं के ज़िम्मे होता है. दीपक कहते हैं, "मेरे हिसाब से सेट पर आते ही अभिनेता का सबसे पहले काम होता है मेकअप और इस पर उनका मूड भी डिपेंड करता है. यहां गड़बड़ हुई तो वो नाराज़ हो सकते हैं और शूटिंग में प्राब्लम हो सकती है". वो अपने काम से खुश हैं और कहते हैं, '"मेकअप करना तो मैंने दोस्तों से सीखा है और धीरे धीरे काम मिलने लगा. मैंने फ़रदीन खान के साथ काम किया है. अब राहुल के साथ हूं. फैशन शो भी करता हूं. मज़ा आता है".
तो क्या मेकअप मैन को पहचान मिलती है, खराडे कहते हैं, '"अभी स्थिति पहले से अच्छी है. अब नए गेटअप बन रहे हैं. हीरो एक्सपेरिमेंट करते हैं तो हमें भी एक्सपेरिमेंट का मौका मिलता है लेकिन ह़ॉलीवुड जैसा नहीं है अभी यहां". खराडे एक अंग्रेज़ी फ़िल्म के लिए राहुल का मेकअप कर चुके हैं और वो कहते हैं कि आने वाले दिनों में मेकअप करने वालों को और पहचान मिलेगी. लेकिन कंपनी के लिए काम करने वाले मेकअप मैन का काम थोड़ा अलग होता है. उन्हें स्टार का ख्याल तो नहीं रखना पड़ता लेकिन फ़िल्म में हीरो के अलावा बाकी सभी लोगों का मेकअप यही करते हैं. जैसे किसी गुंडे को मार पड़ी तो गाल पर तमाचे का निशान, घूंसे का निशान, जूनियर एक्टरों का मेकअप ये सारे काम कंपनी वाले मेकअप मैन करते हैं. ऐसे ही एक मेकअप मैन हैं अजय बाबा सोनकर. सोनकर कहते हैं, "काम तो अच्छा है लेकिन इसमें कलाकारी दिखाने का मौका नहीं मिलता है. थोड़ा बहुत काम किया है लेकिन अभी और काम मिलेगा तो अच्छा करुंगा". अजय आगे चलकर अच्छे मेकअप मैन बनना चाहते हैं. इससे पहले अमिताभ बच्चन के मेकअप मैन दीपक सावंत फ़िल्मों के प्रोड्यूसर बन चुके हैं. दीपक कहते हैं कि मेकअप मैन हो या कोई और हो इंडस्ट्री में वही आगे बढ़ता है जो आगे बढ़ना चाहता है. दीपक सावंत कहते हैं, "मेरी किस्मत अच्छी थी तो मुझे अमित जी के साथ मौका मिला लेकिन मैं आगे बढ़ना चाहता था तो सोचा क्यों ने प्रोड्क्शन में हाथ आजमाऊं. फ़िल्म बनाई तो वो चल गई". तो कोई सलाह है नए मेकअपमैनों के लिए उनकी. सावंत कहते हैं कि पूरी मेकअप मैन को साफ़ सफ़ाई का अतिरिक्त ख़्याल रखना चाहिए और इंडस्ट्री में काम करते हुए सीखने की कोशिश करनी चाहिए तो वो बहुत आगे बढ़ सकते हैं. |
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