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'तमिल विद्रोहियों की दो नौकाएँ ध्वस्त' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
तमिल सेना के प्रवक्ता ने दावा किया है कि नौसैनिकों ने तमिल विद्रोहियों की दो नौकाओं को ध्वस्त कर दिया है और एक को अपने कब्ज़े में ले लिया है. सेना का कहना है कि मानवीय सहायता सामग्री से लदे दो मालवाहक जहाज़ों पर किए गए हमलों के बाद नौसेना ने यह कार्रवाई की. तमिल विद्रोहियों ने सेना के इस दावे पर कोई टिप्पणी नहीं की है. जाफ़ना प्रायद्वीप पर यूँ तो सरकार का ही नियंत्रण है लेकिन इसके ज़मीनी रास्तों को विद्रोहियों ने बंद कर रखा है इसलिए वहाँ सामान की आपूर्ति या तो समुद्री मार्ग से होती है या फिर वायुमार्ग से. हमला यह हमला उत्तरी श्रीलंका में सूर्योदय से पहले हुआ. सेना के प्रवक्ता का कहना है कि तमिल विद्रोहियों की तीन नौकाओं ने जाफ़ना जा रहे दो मालवाहक जहाज़ों पर हमला किया. सेना का कहना है कि इन जहाज़ों में आम नागरिकों के लिए मानवीय सहायता सामग्री लदी हुई थी. प्रवक्ता कमांडर डीकेपी दसानायके का कहना है, "नौकाओं में आए विद्रोहियों ने जहाज़ पर मौजूद लोगों पर मशीनगन से गोलियाँ दागीं." उनका कहना है कि विद्रोहियों की दो नौकाएँ नष्ट कर दी गई हैं और तीसरे को सेना ने अपने कब्ज़े में ले लिया है. तमिल विद्रोहियों ने सेना के इस दावे पर कोई टिप्पणी नहीं की है. इस हमले की ख़बर ऐसे समय में आई है जब श्रीलंकाई सेना उत्तरी हिस्से में तमिल विद्रोहियों के साथ घमासान में लगी हुई है और दावा कर रही है कि तमिल विद्रोहियों के साथ 'अंतिम लड़ाई' चल रही है. | इससे जुड़ी ख़बरें संघर्ष में श्रीलंका के कई सैनिक हताहत20 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस किलीनोची के गांव पर सेना का कब्ज़ा20 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस श्रीलंका की स्थिति 'गंभीर चिंता' का विषय15 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस श्रीलंकाः आत्मघाती हमले में 27 की मौत06 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस उत्तरी श्रीलंका से दो लाख लोग विस्थापित04 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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