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मायावती का सोनिया पर जवाबी हमला | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया है. मंगलवार को मायावती ने सोनिया गांधी पर निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस समूचे प्रदेश का विकास नहीं चाहती, वो केवल रायबरेली का विकास चाहती है. उनका कहना था कि रायबरेली में रेल कोच फ़ैक्ट्री के उदघाटन और रोज़गार देने का आश्वासन महज नाटक था. इससे केवल पाँच- छह हज़ार लोगों को रोज़गार मिलता. लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत में मायावती ने कहा कि कांग्रेस ग़रीबों के साथ राजनीति कर रही है. उनका कहना था कि अगर कांग्रेस अध्यक्ष को प्रदेश के विकास की इतनी ही चिंता है तो वो प्रदेश के पिछड़े इलाक़े बुंदेलखंड और पूर्वांचल में क्यों नहीं ये योजना लगातीं. मुख्यमंत्री ने घोषणा कि रायबरेली के किसानों की ज़मीन लेने की आपत्तियों की जाँच की जाएगी. रायबरेली में रैली मायावती ने घोषणा की कि वो जल्द ही रायबरेली में एक रैली आयोजित करेंगी. उनका कहना था कि अगर हमें तुच्छ राजनीति करनी होती तो सोनिया गांधी की जेल जाने की इच्छा पूरी कर देते. उन्होंने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस उनके ऊपर तथ्यहीन आरोप लगा रही है कि हमारी सरकार विकास की अनदेखी कर रही है. मायावती का कहना था कि यूपीए सरकार ने प्रदेश के साथ हर मामले में सौतेला व्यवहार किया है. उनका कहना था कि उन्होंने प्रदेश के लिए 80 हज़ार करोड़ के पैकेज की मांग की थी जो आज तक पूरी नहीं हुई. इसके अलावा कांग्रेस ने गंगा एक्सप्रेस, यमुना एक्सप्रेस और हिंडन एक्सप्रेस जैसी योजनाओं का विरोध किया है. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और समाजवादी पार्टी नेता मुलायम सिंह दोनों को एक साथ लपेटते हुए उन्होंने कहा कि एक रायबरेली को तो दूसरा सैफई को पूरा प्रदेश मानता है. सोनिया के सवाल ग़ौरतलब है कि मंगलवार को सोनिया गाँधी ने कहा था कि वे उत्तर प्रदेश की मायावती सरकार के ख़िलाफ़ संघर्ष करते हुए 'जेल जाने को तैयार हैं.'
मंगलवार को अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उन्होंने इस बात के संकेत दिए कि कांग्रेस मायावती सरकार के इस फ़ैसले और अन्य केंद्रीय परियोजनाओं में रुकावट पैदा करने के ख़िलाफ़ एक बड़ा आंदोलन शुरु करेगी. उत्तर प्रदेश में मायावती सरकार ने रेल कोच फ़ैक्ट्री के लिए ज़मीन का आवंटन रद्द कर दिया है और मामला इलाहाबाद उच्च न्यायालय में पहुँच गया है. सोनिया गाँधी इस बात से काफ़ी क्षुब्ध थीं कि मायावती सरकार ने न केवल लालगंज में प्रस्तावित रेल कोच फ़ैक्ट्री की ज़मीन का आवंटन रद्द कर दिया बल्कि उन्हें उस जगह पर एक रैली की भी अनुमति नहीं दी थी. |
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