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मायावती के ख़िलाफ़ कांग्रेस का अभियान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश के कांग्रेस नेताओं ने अगले लोक सभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री मायावती के ख़िलाफ़ माहौल बनाने के लिए अब उनके पैतृक गाँव बादलपुर को निशाना बनाया है. इन नेताओं का आरोप है की मायावती अपने गाँव में एक आलीशान बंगला बना रहीं हैं और वहां सैकडों किसानों की जमीन ज़बरदस्ती अधिगृहीत की जा रही है. ये कांग्रेस नेता मायावती के गाँव में विरोध प्रदर्शन करने जा रहे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें पहले ही हिरासत में लिया और बाद में रिहा कर दिया. मायावती ने इसे एक ड्रामा करार दिया है. उत्तर प्रदेश पुलिस ने कांग्रेस पार्टी के महासचिव दिग्विजय सिंह , प्रदेश अध्यक्ष रीता जोशी बहुगुणा और सांसद सचिन पायलट समेत सभी कांग्रेस नेताओं को दिल्ली उत्तर प्रदेश की सीमा में घुसते ही गिरफ्तार कर लिया और ग्रेटर नॉएडा के पास मायावती के बादलपुर गाँव जाने नहीं दिया. पुलिस ने बादलपुर गाँव पहुंचाने वाले किसानों को भी गिरफ्तार कर लिया. सभी लोग बाद में रिहा कर दिए गए. कांग्रेस का आरोप कांग्रेस नेताओं ने पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री मायावती करीब सोलह एकड़ ज़मीन पर महलनुमा बँगला बनवा रही हैं और इस बंगले के आसपास तीन गाँवों की करीब चार सौ एकड़ ज़मीन ज़बरदस्ती अधिगृहीत की जा रही है. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कागज़ पर तो यह ज़मीन बादलपुर में पर्यटकों के लिए पिकनिक स्पॉट बनाने के लिए ली जा रही है लेकिन असली मकसद उनके बंगले के पास ज़मीन खाली रखकर हरियाली बनाना है. शायद इस बंगले के बहाने कांग्रेस पार्टी लोगों को याद दिलाना चाहती है कि मुख्यमंत्री मायावती अपने और अपने पारिवार के लिए बड़े पैमाने पर चल और अचल संपत्ति जमा कर रहीं हैं. यही कारण है कि मायावती ने लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर कांग्रेस पार्टी नेताओं को बुरा भला कहा. मायावती का कहना था कि कांग्रेस के नेता भाड़े पर प्रदर्शनकारी ले गए थे. उन्होंने कहा, '' कांग्रेस पार्टी के कुछ आरामपरस्त नेता दिल्ली के करीब गौतमबुद्ध जिले के बादलपुर गाँव में वहाँ के कुछ लोगों को मैनेज करके आभास देना चाहते हैं कि हमारी सरकार किसानों के खिलाफ़ है , जबकि अकेले बादलपुर गाँव में ही नही , पूरे उत्तर प्रदेश में जिन भी किसानों की नियम के तहत ज़मीन ली गई है उनको क़ानून के तहत पूरा मुआवज़ा दिया जा रहा है.'' सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने मायावती के पास आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच करके रिपोर्ट तैयार की है. लेकिन समाजवादी पार्टी ने एक प्रस्ताव पास कर मांग की है कि मायावती की संपत्ति की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों कि समिति बनाई जाए. समाजवादी पार्टी नेता अमर सिंह का कहना है कि यह समिति उनके वर्तमान कार्यकाल की जांच करे. प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए मायावती ने कहा कि उन्हें ऐसी जांच पर एतराज़ नही है कि बशर्ते कि इस जांच के दायरे में उन सब नेताओं को लिया जाए जो आज़ादी के बाद केन्द्र या राज्यों में प्रधानमन्त्री, मुख्यमंत्री या मंत्री रहे हैं. मुख्यमंत्री मायावती ने हाल ही कांग्रेस की केन्द्र सरकार गिराने में पूरी ताकत लगा दी थी और अब वह लोक सभा चुनाव में कांग्रेस के ख़िलाफ़ देशव्यापी अभियान कि तैयारी कर रही हैं. ऐसा लगता है कि कांग्रेस पार्टी अब मायावती को उनके गाँव बादलपुर में उलझाना चाहती है. | इससे जुड़ी ख़बरें यूपीए के ख़िलाफ़ अभियान की घोषणा23 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस उत्तर प्रदेश: बनते-बिगड़ते समीकरण22 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस 'सीबीआई का दुरुपयोग करके साज़िश' 12 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस विपक्ष ने जताई मायावती से हमदर्दी12 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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