|
विहिप नेता की हत्या में गिरफ़्तारियाँ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पुलिस का कहना है कि उसने विश्व हिंदू परिषद के नेता लक्ष्मणानंद सरस्वती की हत्या के मामले में माओवादियों से जुड़े दो लोगों को उड़ीसा के कंधमाल ज़िले से गिरफ़्तार किया है और एक शख्स को हिरासत में लिया है. विहिप नेता लक्ष्मणानंद सरस्वती की हत्या के बाद उड़ीसा में ईसाइयों को निशाना बनाया गया था और कंधमाल ज़िला इससे सबसे अधिक प्रभावित हुआ था. विहिप नेता की हत्या के 42 दिन बाद ये पहली गिरफ़्तारियाँ हुईं हैं. उड़ीसा के पुलिस महानिदेशक (अपराध शाखा) अरुण राय ने बताया कि अपराधियों को पकड़ने के लिए गठित विशेष जाँच दल ने दो लोगों को गिरफ़्तार किया है और एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है. उनका कहना था कि इन लोगों का संबंध माओवादियों से हैं. पुलिस का कहना है कि ये लोग माओवादी कॉडर के तो नहीं हैं लेकिन उन्होंने हथियारों का प्रशिक्षण उनसे लिया है. इसके पहले माओवादियों ने दावा किया था कि उन्होंने ही स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की हत्या की थी. उड़ीसा के कुछ पत्रकारों को माओवादी जंगलों में ले गए और वहाँ सीपीआई (माओवादी) के उड़ीसा राज्य समिति के प्रमुख नेता सब्यसाची पंडा उर्फ़ कॉमरेड सुनील ने ये दावा किया था. पंडा का कहना था कि स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती उस इलाक़े में सांप्रदायिक और जातिगत विद्वेष फैला रहे थे और इसीलिए माओवादियों ने उनकी हत्या की. अब तक इस मामले में चुप्पी साधे रखने के सवाल पर उनका कहना था, "हमने चुप्पी नहीं रखी. घटनास्थल पर हमने अपने लेटरपैड पर लिखे बयान छोड़े थे जिसमें लिखा था कि ये हत्या हमने की है." |
इससे जुड़ी ख़बरें उड़ीसा-कर्नाटक मामले पर बैठक05 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस उड़ीसा में राष्ट्रपति शासन की अटकलें04 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस थम नहीं रही हिंसा, 20 और घर जले03 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस कंधमाल:'बलात्कार' मामले में कार्रवाई03 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस उड़ीसा की स्थिति पर तेज़ हुई राजनीति03 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस कंधमाल में फिर हिंसा भड़की, एक की मौत30 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस उड़ीसा में ताज़ा हिंसा, गिरजाघर पर हमला25 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||