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शनिवार, 04 अक्तूबर, 2008 को 16:50 GMT तक के समाचार
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उड़ीसा में राष्ट्रपति शासन की अटकलें

उड़ीसा में जारी सांप्रदायिक हिंसा के बीच राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की अटकलें तेज़ हो गई हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने राज्यपाल एमसी भंडारे से वहाँ की स्थिति पर रिपोर्ट मांगी है.

पीटीआई के अनुसार गृह मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार शिवराज पाटिल ने राज्यपाल से फ़ोन पर बातचीत भी की है.

शुक्रवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उड़ीसा की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए गृह मंत्री शिवराज पाटिल से राज्य की स्थिति पर रिपोर्ट मांगी थी.

इस बीच उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने राज्यपाल को पत्र लिखकर ये जानकारी दी है कि उन्होंने राज्य में स्थिति सुधारने के लिए क्या-क्या क़दम उठाए हैं.

नवीन पटनायक ने अपने पत्र में यह भी लिखा है कि जब राज्य सरकार ने जब इस स्थिति को सुधारने की कोशिश में लगी है और स्थितियाँ सुधर भी रही हैं, उस समय सरकार पर दबाव बनाना अच्छी बात नहीं है.

हिंसा

अगस्त में विश्व हिंदू परिषद के एक नेता स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वति और उनके चार समर्थकों की हत्या के बाद कंधमाल ज़िला हिंसा की चपेट में है.

शिवराज पाटिल से रिपोर्ट मांगी गई है

उस समय से हिंदुओं और ईसाइयों के बीच भड़की हिंसा में कम से कम 33 लोगों की जान जा चुकी है. हिंसा में राज्य के ईसाई लोगों को ख़ास तौर पर निशाना बनाया गया है.

एक ईसाई नन के साथ हुई कथित बलात्कार की घटना के 38 दिनों के बाद शुक्रवार को पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई की.

ज़िले के पुलिस प्रमुख प्रवीण कुमार के अनुसार कथित बलात्कार के मामले में चार लोगों को गिरफ़्तार किया गया है और कम से कम एक पुलिस अधिकारी को निलंबित किया गया है.

इस बीच उड़ीसा की स्थिति पर केंद्र और राज्य सरकार आमने-सामने हैं. केंद्रीय गृह मंत्रालय से राज्य की स्थिति पर रिपोर्ट मांगी गई है तो राज्य सरकार ने कह दिया कि केंद्र की ओर से अर्ध सैनिक बल भेजने में देर हुई और इसलिए स्थिति इतनी बिगड़ी.

दूसरी ओर केंद्र सरकार का कहना है कि इतनी बार चेतावनी देने के बावजूद वहाँ की स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है.

केंद्रीय रेल मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने उड़ीसा के मामले पर कड़े क़दम उठाने की मांग की है. उनका कहना है कि केंद्र की चेतावनी का राज्य सरकार पर कोई असर नहीं पड़ा है.

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