|
असम में हिंसा, 11 की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
असम के दो ज़िलों में स्थानीय बोडो आदिवासियों और मुसलमानों के बीच हुए संघर्ष में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई है. तनाव को देखते हुए वहाँ सेना तैनात कर दी गई है. संघर्ष असम के उदालगुड़ी और दरांग ज़िलों में हुआ. ज़्यादा तनाव उदालगुड़ी ज़िले में है जहाँ शनिवार रात सेना ने फ़्लैग मार्च भी किया. उधर दरांज ज़िले में दंगा फैलने के बाद रात का कर्फ़्यू लगा दिया गया है. असम पुलिस के प्रवक्ता बीजे महन्त ने बताया है कि पुलिस ने तीन जगहों पर ग़ुस्साई भीड़ को क़ाबू में करने के लिए गोलियाँ चलाईं जिसमें तीन लोग मारे गए. डॉक्टरों के अनुसार लगभग 30 घायल अस्पताल में भर्ती किए गए हैं. स्थिति शुक्रवार शाम से बिगड़ने लगी थी जब रौता पुलिस थाना क्षेत्र में ये अफ़वाह फैल गई कि एक स्थानीय बोडो आदिवासी का अपहरण हो गया है. इसके बाद बोडो आदिवासियों और बांग्ला भाषी मुसलमानों के बीच संघर्ष शुरू हो गया. भड़की हिंसा बोडो आदिवासियों का ये भी आरोप है कि मुसलमानों ने उनके मवेशी चुराए हैं. इसके बाद मुसलमानों के कुछ गाँवों पर हमला हुआ और 50 से ज़्यादा घरों को आग लगा दी गई.
शनिवार सुबह एक मुसलमान व्यक्ति का शव उदालगुड़ी में कलक्टर के कार्यालय के सामने मिला. इसके बाद हिंसा फैल गई और ग़ुस्साए मुसलमानों ने बोडो आदिवासियों के कई गाँवों पर हमला कर दिया. पुलिस को रौता पुलिस थाने में दो जगहों और डेरागाँव पुलिस थाने में एक जगह गोलियाँ चलानी पड़ीं. इस दौरान तीन लोगों की मौत हो गई. रात तक रौता और सिमालगुड़ी गाँव से आठ और शव बरामद हुए. इसके बाद दरांग ज़िले में हिंसा फैल गई, जहाँ बेसिमारी और बालाबाड़ी गाँवों में 30 घरों को आग लगा दी गई. | इससे जुड़ी ख़बरें असम में सात 'चरमपंथी' मारे गए26 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस तेल चुराने की कोशिश में 16 मरे20 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस असम धमाके में 22 लोग घायल18 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस असम में बाढ़ की स्थिति चिंताजनक 02 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस शवों के मिलने से असम में तनाव23 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||