|
शवों के मिलने से असम में तनाव | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
असम के एक दूरवर्ती गाँव से तीन लोगों का शव मिलने के बाद जातीय तनाव पैदा हो गया है. पुलिस का कहना है कि ये तीनों मुस्लिम सुमदाय के हैं. असम में इस महीन के शुरु से ही राज्य के कुछ संगठनों और जनजातीय समूहों ने वैसे लोगों को खोज निकालने का अभियान शुरु किया था जिन्हें वे बांग्लादेश से आए अवैध आप्रवासी बताते हैं. इस मुहिम के शुरु होने के बाद से ही राज्य भर में तनाव है. इन संगठनों ने अब तक ऐसे लगभग सौ लोगों को पकड़ कर पुलिस के सुपुर्द किया है ताकि उन्हें वापस बांग्लादेश भेजा जा सके. असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने इस तरह की मुहिम चलाने वाले क्षेत्रीय संगठनों को चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि क़ानून अपने हाथ में लेने वालों को बख़्शा नहीं जाएगा. इन संगठनों के लोग मुस्लिम बहुल गाँवों में जाकर पड़ताल करते हैं और कथित विस्थापितों को पकड़ लेते हैं. ताज़ा घटना में राउता से तीन शव बरामद किए गए हैं. ऐसी ख़बरें मिल रही हैं कि पिछले तीन दिनों में इसी इलाक़े से मुस्लिम समुदाय के कई लोग लापता हैं. मुस्लिम संगठनों का कहना है कि उनके लोगों को धमकाया जा रहा है और प्रताड़ित किया जा रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'नरम' उल्फ़ा बातचीत को तैयार11 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस असम के बाज़ार में बम विस्फोट, छह मरे29 जून, 2008 | भारत और पड़ोस असम से महिलाओं की तस्करी पर चिंता06 जून, 2008 | भारत और पड़ोस असम में चौदह लोगों को मारने का दावा15 मई, 2008 | भारत और पड़ोस मणिपुर में सात हिंदी भाषियों की हत्या18 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस पूर्वोत्तर में कई जगह विस्फोट, 18 घायल08 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस चार अल्फ़ा विद्रोही मारे गए16 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||