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सोमवार, 22 सितंबर, 2008 को 10:59 GMT तक के समाचार
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मैरियट धमाके को लेकर भ्रम की स्थिति
धमाका
इस्लामाबाद में मैरियट होटल में शनिवार को ज़बरदस्त धमाका हुआ था
पाकिस्तान में इस बात को लेकर विरोधाभासी ख़बरें सामने आ रही हैं कि क्या मैरियट होटल में धमाके के दिन बड़े पाकिस्तानी नेता रात्रिभोज के लिए आने वाले थे.

अधिकारियों का कहना कि इस्लामाबाद में शनिवार को हुए धमाके के समय राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों मैरियट होटल में जाने वाले थे लेकिन होटल मालिक ने बीबीसी को बताया है कि इन नेताओं के लिए कोई बुकिंग नहीं की गई थी.

आंतरिक मामलों के मंत्रालय के प्रमुख रहमान मलिक ने बयान दिया था कि तय कार्यक्रम के मुताबिक प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और सेना अध्यक्षों को उस दिन मैरियट होटल में जाना था जिस दिन धमाका हुआ.

उन्होंने पत्रकारों को बताया था कि अगर ऐसा होता तो बड़ी त्रासदी हो जाती लेकिन उन्होंने ये नहीं बताया कि रात्रिभोज पर होटल जाने की योजना क्यों बदल दी गई.

 सरकारी रात्रिभोज के लिए हमले वाले दिन होटल में कोई बुकिंग नहीं की गई थी
सहरुदीन हशवानी

लेकिन सोमवार को होटल के मालिक सदरुदीन हशवानी ने रहमान मलिक की बात को सिरे से नकार दिया.

उन्होंने कहा कि किसी सरकारी रात्रिभोज के लिए हमले वाले दिन होटल में कोई बुकिंग नहीं की गई थी.

शनिवार को मैरियट होटल में ज़बरदस्त धमाका हुआ था जिसमें 53 लोग मारे गए थे और 266 से ज़्यादा घायल हो गए थे.

धमाका

 नेशनल एसेंबली के स्पीकर ने मैरियट होटल में सभी बड़े नेताओं के लिए रात्रिभोज का आयोजन किया था- इसमें राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और तीनों सेना अध्यक्ष शामिल थे. फिर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने स्थल बदलकर उसे प्रधानमंत्री आवास पर कर दिया. इसलिए सब नेता बच गए
रहमान मलिक

होटल में नेताओं के जाने के बारे में रहमान मलिक ने पत्रकारों को जानदारी दी थी कि नेशनल एसेंबली के स्पीकर ने मैरियट होटल में सभी बड़े नेताओं के लिए रात्रिभोज का आयोजन किया था- इसमें राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और तीनों सेना अध्यक्ष शामिल थे. फिर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने स्थल बदलकर उसे प्रधानमंत्री आवास पर कर दिया. इसलिए सब नेता बच गए.

मैरियट होटल में धमाका इतना ज़बरदस्त था कि वहाँ छह मीटर गहरा गढ्ढा हो गया था. मृतकों में ज़्यादातर पाकिस्तानी थे. इनके अलावा अमरीका, जर्मनी और वियतनाम का एक-एक नागरिक भी इस हमले में मारा गया है.

अभी तक किसी ने हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है. इससे पहले सोमवार को पाकिस्तानी सरकार ने कहा था कि वो चरमपंथियों के ख़िलाफ़ कड़े क़दम उठाएगी.

इस बीच पेशावर से ख़बर है कि शहर से एक अफ़ग़ान कूटनयिक का अपहरण कर लिया गया है. जब अब्दुल ख़ालिक़ फ़राही अपनी कार में थे तो उन्हें कुछ बंदकधारी उठा कर ले गए. उनके ड्राइवर की इस झड़प में मौत हो गई.

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