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'भारत के ख़िलाफ़ लड़ाई की तैयारी' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बराक ओबामा ने यह कहकर सनसनी फैला दी है कि पाकिस्तान अमरीका से मिलने वाली आर्थिक सहायता का इस्तेमाल भारत के खिलाफ़ लड़ाई की तैयारी में कर रहा है. अमरीका में राष्ट्रपति पद के डेमोक्रेट उम्मीदवार बराक ओबामा ने कहा है कि पाकिस्तान आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध के लिए मिलने वाली सहायता राशि का इस्तेमाल "भारत के विरुद्ध अपनी सेना को मज़बूत करने में कर रहा है". ओबामा ने कहा कि वे अगर राष्ट्रपति चुन लिए गए तो अमरीका की ओर से पाकिस्तान को मिलने वाली आर्थिक सहायता का हिसाब लेंगे. उन्होंने कहा कि वे पाकिस्तान की सरकार पर दबाव बनाएँगे कि वह अफ़ग़ानिस्तान से लगने वाली सीमा पर आतंकवादियों की शरणस्थली को समाप्त करने के लिए सख़्त कार्रवाई करे. फॉक्स न्यूज़ को दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, "हमें अफ़ग़ानिस्तान से अपनी निगाह नहीं हटाना चाहिए और पाकिस्तानियों पर अधिक दबाव डालना चाहिए." ओबामा ने कहा है कि अमरीका पाकिस्तान को बिना पर्याप्त नियंत्रण और ज़िम्मेदारी के आर्थिक सहायता दे रहा है. उन्होंने कहा कि वे ओसामा बिन लादेन की तलाश में कोई कसर नहीं उठा रखेंगे और "नरक के दरवाज़े तक" पीछा नहीं छोड़ेंगे. शिकोगा के सीनेटर का कहना था कि ओसामा को पकड़ने के लिए अमरीकी थल सैनिकों को पाकिस्तान में उतारने की कोई ज़रूरत नहीं है. ओबामा ने ज़ोर देकर कहा कि उनके बयान का मतलब यह नहीं है कि वे 'आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध' में कोई कसर छोड़ेंगे, पाकिस्तान की सहायता कम या बंद कर देंगे. डेमोक्रेट उम्मीदवार ने टीवी इंटरव्यू में कहा, "देखिए, हम ये कह रहे हैं कि पाकिस्तान को हम अतिरिक्त सैनिक सहायता देंगे जिसका उद्देश्य आतंकवादियों से निबटना होगा, हम पाकिस्तान में लोकतंत्र को मज़बूत करने की दिशा में समर्थन देंगे." उन्होंने साफ़ शब्दों में कहा, "हमने मुशर्रफ़ को बिना किसी जवाबदेही के दस अरब डॉलर दिए जो सरासर बर्बादी थी क्योंकि आतंकवादियों के ठिकानों को बर्बाद करने की शर्त नहीं रखी गई थी." | इससे जुड़ी ख़बरें 'भारत के ख़िलाफ़ ख़र्च हुई सैन्य मदद'24 दिसंबर, 2007 | पहला पन्ना 'पाकिस्तान के हालात पर है क़रीबी नज़र'29 दिसंबर, 2007 | पहला पन्ना अल क़ायदा सबसे बड़ा ख़तरा: अमरीका30 अप्रैल, 2008 | पहला पन्ना मुशर्रफ़ पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया18 अगस्त, 2008 | पहला पन्ना ज़वाहिरी ने पाकिस्तानी सैनिकों को छकाया02 सितंबर, 2008 | पहला पन्ना अमरीकी सेना के हमले में 15 मरे 03 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस ज़लमय के ज़रदारी से संपर्क पर विवाद04 सितंबर, 2008 | पहला पन्ना पाकिस्तान ने अमरीका की आलोचना की05 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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