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बिहार में राहत को लेकर राजनीति | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कोसी के कहर ने बिहार में लाखों लोगों का जीवन बेहाल कर रखा है लेकिन राजनेता अपनी राजनीति से बाज़ नहीं आ रहे हैं. राजनेताओं के एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप की चर्चा बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के आम लोगों के बीच काफ़ी है. राहत के काम को लेकर केंद्रीय रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच तू-तू मैं-मैं अपने चरम पर है. बीबीसी संवाददाता मणिकांत ठाकुर के अनुसार लालू प्रसाद यादव का कहना है कि इतने बड़े संकट की वजह राज्य सरकार की लापरवाही है. लालू के इस वक्तव्य से खिसियाए मुख्यमंत्री ने सख़्त शब्दों का इस्तेमाल करते हुए मंगलवार को कहा कि 'लालू यादव मीडिया के पोस्टर ब्वाय' हैं. इस बीच बाढ़ग्रस्त इलाक़ों के रेलवे स्टेशनों को एक तरह से बाढ़ राहत शिविरों में तब्दील कर दिया गया है. 17 बाढ़ राहत ट्रेनें चलाई जा रही हैं जिससे बाढ़ पीड़ित जहाँ जाना चाहें बिना शुल्क जा सकते हैं. इन रेलवे स्टेशनों पर हज़ारों लोगों ने शरण ले रखी है और वहाँ उन्हें दो वक़्त का खाना और नाश्ता आदि दिया जा रहा है. इससे पहले रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने एक लाख पानी की बोतलें और 25 टैंक पेयजल भेजने की घोषणा की थी. रामविलास पासवान ने इस्पात मंत्रालय की ओर से 150 बाढ़ राहत शिविर खोलने की घोषणा की है. लालू का काफ़िला बीबीसी संवाददाता संजय मजूमदार का कहना है कि पूर्णिया, मधेपुरा में बाढ़ प्रभावित इलाक़ों का दौरा लालू यादव अपने समर्थकों और गाड़ियों के काफ़िले के साथ करते हैं और मीडिया उनके पीछे लगा रहता है. राहत शिविरों में लालू यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल और रामविलास पासवान की लोकजनशक्ति पार्टी राहत शिविरों पर लगभग कब्जा जमाए हुए हैं. यह सही है कि कोसी अंचल का गुस्सा राज्य सरकार पर काफ़ी ज़्यादा है और इसका लाभ विपक्षी पार्टियाँ उठा रही है. लेकिन राहत कामों में सबसे बड़ी दिक्कत बचाव और राहत कार्य के समन्वय की है. ऐसा लगता है कि इसकी चिंता किसी राजनेता को नहीं है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'राहत शिविरों का हाल देखकर नहीं मिलती राहत'01 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस कोसी का जलस्तर घटा, परेशानी बरक़रार03 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस अब युद्धस्तर पर बचाव और राहत कार्य02 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस बाढ़ राहत कार्य तेज़ पर पर्याप्त नहीं02 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस बिहार में अब भी लाखों लोग बाढ़ में फँसे01 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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