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मुशर्रफ़ को 'शरण' पर राइस की चुप्पी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने कहा है कि कुछ मुद्दों पर असहमति के बावजूद पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ अच्छे सहयोगी रहे हैं. जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि राष्ट्रपति पद से इस्तीफ़ा देने की स्थिति में क्या अमरीका मुशर्रफ़ को राजनीतिक शरण देगा, तो उन्होंने इस सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया. कोंडोलीज़ा राइस ने सिर्फ़ इतना कहा, "ये एक ऐसा मुद्दा है जो अभी हमारे सामने नहीं है." ग़ौरतलब है कि परवेज़ मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ पाकिस्तान की संसद में महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी चल रही है और उन पर इस्तीफ़े का दबाव बढ़ता जा रहा है. अमरीकी विदेश मंत्री ने मुशर्रफ़ के बारे में कहा, "सबको पता है कि हम आपातकाल लागू करने के उनके फ़ैसले से सहमत नहीं थे लेकिन उन्होंने अपना वादा निभाया और वर्दी उतार दी. अब पाकिस्तान में लोकतांत्रिक सरकार है." पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) के समर्थन से पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) की अगुआई में बनी सरकार ने परवेज़ मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ महाभियोग लाने के लिए आरोपपत्र तैयार कर लिया है. उन पर लगाए गए मुख्य आरोपों में संविधान का उल्लंघन, पद का दुरुपयोग और आपातकाल लागू करना शामिल है. पाकिस्तानी मीडिया में इस तरह की चर्चा है कि महाभियोग प्रस्ताव पारित होने से पहले ही कोई बीच का रास्ता निकाला जाएगा और मुशर्रफ़ ख़ुद इस्तीफ़ा दे देंगे. हालाँकि पाकिस्तानी राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने उनके इस्तीफ़ा देने की संभावना को ख़ारिज किया है. |
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