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नेपाल को मदद देना जारी रखेंगे: मनमोहन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने माओवादी नेता प्रचंड को नेपाल का प्रधानमंत्री चुने जाने पर बधाई दी है और उन्हें मदद देने का वादा किया है. मनमोहन सिंह ने पुष्प कमल दहल उर्फ़ प्रचंड को भेजे बधाई संदेश में कहा है, "मैं भारत और नेपाल के बीच मधुर संबंध को और मज़बूत बनाने के लिए आपके साथ काम करने को लेकर आशान्वित हूँ." भारतीय प्रधानमंत्री ने कहा कि दक्षिण एशिया के इन दोनों ही देशों की चुनौतियाँ समान हैं जिनसे साथ मिल कर लड़ा जा सकता है. उन्होंने अपने संदेश में कहा है, "दोनों ही देश गरीबी, बीमारी और भूख से निपटने में लगे हैं." मनमोहन सिंह ने कहा है कि भारत नेपाल में लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने और उसके विकास में हर संभव सहयोग देगा. उन्होंने प्रचंड से मिलने की इच्छा जताते हुए उन्हें भारत आने का भी न्यौता दिया है. भारत की मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) ने भी प्रचंड को प्रधानमंत्री चुने जाने पर बधाई दी है. पार्टी ने नेपाल के सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वो आपसी मतभेद भुलाकर गणतांत्रिक संविधान तैयार करने के लिए एकजुट हो जाएँ. | इससे जुड़ी ख़बरें प्रधानमंत्री चुने गए प्रचंड15 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस प्रचंड प्रधानमंत्री पद के प्रबल दावेदार15 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस प्रधानमंत्री चुनाव में खड़े होंगे प्रचंड14 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस नेपाल के प्रधानमंत्री कोइराला का इस्तीफ़ा 26 जून, 2008 | भारत और पड़ोस माओवादियों ने राष्ट्रपति पद का दावा छोड़ा05 जून, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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