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प्रधानमंत्री चुनाव में खड़े होंगे प्रचंड | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल में माओवादी पार्टी के नेता प्रचंड ने कहा है कि वो शुक्रवार को होने प्रधानमंत्री पद के चुनाव में खड़े होंगे. राजशाही के ख़त्म होने के बाद ये पहला प्रधानमंत्री चुनाव होगा. प्रचंड ने कहा है कि नेपाल में महीनों से चला आ रहा राजनीतिक गतिरोध समाप्त हो गया है. इस साल संविधान सभा के चुनाव में माओवादियों को सबसे ज़्यादा सीटें मिली थीं और माओवादी पार्टी सबसे शक्तिशाली राजनीतिक दल के तौर पर उभरकर सामने आई थी. लेकिन माओवादी पार्टी और दूसरे राजनीतिक दलों के बीच इस बात को लेकर समझौता नहीं हो पाया था कि नई सरकार कौन चलाएगा. माओवादी पार्टी ने नेपाल की तीसरी बड़ी पार्टी यूएमएल के साथ गठबंधन किया है, इसका मतलब है कि प्रचंड का प्रधानमंत्री चुना जाना लभगभ तय है. नेपाल के अंतरिम प्रधानमंत्री गिरिजा प्रसाद कोइराला ने जून में अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. अप्रैल में हुए संविधानसभा के चुनाव में कोइराला की पार्टी नेपाली कांग्रेस को दूसरा स्थान मिला था. माओवादियों ने नेपाल में 2006 में एक समझौते पर दस्तख़त किए थे, जिसके बाद वहाँ एक दशक से चले आ रहे संघर्ष अंत हो गया था. इस संघर्ष में हज़ारों लोग मारे गए थे. | इससे जुड़ी ख़बरें हिंदी में शपथ के विरोध में प्रदर्शन28 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस माओवादी सरकार नहीं बनाएँगे22 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस राम बरन यादव नेपाल के पहले राष्ट्रपति21 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस नेपाल में माओवादी मंत्रियों के इस्तीफ़े12 जून, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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