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प्रतिमाओं पर बुल्डोज़र चलवाने की चेतावनी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने चेतावनी दी है कि मुख्यमंत्री मायावती राजधानी लखनऊ में लगाई गई अपनी सभी प्रतिमाएँ खुद हटवा लें. मुलायम सिंह ने कहा कि अगर मायावती खुद अपनी प्रतिमाएँ नहीं हटवाती हैं तो अगली बार सरकार में आने पर वो बुल्डोज़र चलवा कर हटवा देंगे. उन्होंने कहा, "कभी मौक़ा आया, सरकार बदली और सरकारी बुल्डोज़र जब चलेगा तो बहुत जगह चलेगा. मायावती अपनी प्रतिमाएँ तुरंत हटवा लें वरना बुल्डोज़र चलेगा और मैं कहता हूँ और समाजवादी पार्टी के लोग करते हैं...ऐसे बुल्डोज़र चलेंगे कि 50-60 बुल्डोज़र लाकर एक घंटे में सब ठीक कर दिया जाएगा." दरअसल, मायावती ने सरकार में आते ही पूरे उत्तर प्रदेश में खासकर राजधानी लखनऊ में कांशीराम के साथ अपनी प्रतिमाएँ लगवाईं. लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुलायम सिंह ने कहा, "कांशीराम जी की प्रतिमा तो ठीक है लेकिन मायावती को अपनी प्रतिमाएँ हटवानी चाहिए और जो सरकारी खर्च हुआ है वो अपने निजी खज़ाने से सरकारी कोष में जमा कराना चाहिए." मुलायम सिंह ने कहा कि जीते-जी अपनी मूर्ति लगवाना भारतीय संस्कृति के ख़िलाफ़ है लेकिन मायावती ने इसकी परवाह नहीं की और कांशीराम जी के साथ अपनी प्रतिमाएँ भी लगवा दीं. मुलायम के आरोप मुलायम सिंह ने आरोप लगाया कि उनकी सरकार के हटते ही मायावती ने स्वतंत्रता सेनानी और समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण के नाम पर बन रहे अंतरराष्ट्रीय शोध केंद्र का काम बंद करवा दिया. मुलायम ने कहा कि मायावती सरकार ने लखनऊ में राजभवन के क़रीब एक चौराहे पर समाजवादी नेता डॉक्टर राम मनोहर लोहिया की स्मृति में बन रहे चौखंभ राज के स्मारक को भी तुड़वा दिया. मुलायम सिंह ने मायावती पर आरोप लगाया कि उनकी सरकार ने इन दोनों समाजवादी नेताओं का अपमान किया है.
समाजवादी नेता मुलायम सिंह ने ये भी कहा कि मायावती सरकार ने अंबेडकर स्मारक विस्तार मामले में सुप्रीम कोर्ट में पूरे तथ्य और जानकारी नहीं दी. जिसकी वजह से सुप्रीम कोर्ट ने अंबेडकर स्मारक के विस्तार की इजाज़त दे दी और इस स्मारक के पास बने स्टेडियम और छात्रावास को खाली करवाकर तुड़वा दिया गया. ग़ौरतलब है कि समाजवादी पार्टी ने इससे पहले मायावती की संपत्ति की जाँच के लिए तीन जजों की समिति बनाने की माँग की थी. ऐसा लगता है कि लोकसभा चुनाव के क़रीब आने के साथ ही समाजवादी पार्टी ने मुख्यमंत्री मायावती पर अपने तेवर आक्रामक कर दिए हैं ताकि, मायावती के विरोधी मतों का अपने पक्ष में ध्रुवीकरण कर सकें. |
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