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बच्चों की मौत के ख़िलाफ़ बंद | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गुजरात के अहमदाबाद में आसाराम आश्रम गुरुकुल के दो बच्चों की मौत के विरोध में शुक्रवार को बंद के दौरान तोड़फोड़ हुई है और पत्रकारों को निशाना बनाया गया है. बंद समर्थकों ने गाड़ियों पर पथराव किया तो आश्रम से जुड़े बताए जा रहे कुछ लोगों ने पत्रकारों को पीटा और उनके उपकरणों को क्षतिग्रस्त कर दिया. बच्चों की मौत की ठीक प्रकार से जाँच कराने की माँग को लेकर बुलाए गए इस बंद को मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भी समर्थन दिया है. बंद के दौरान बस या ऑटो कम ही नज़र आए. स्कूल-कॉलेजों ने एहतियातन ख़ुद ही छुट्टी की घोषणा कर दी. कुल मिलाकर शहर में बंद का असर दिख रहा है. मामले की शुरुआत तब हुई जब गुरुकुल के दो बच्चे अभिषेक बाघेला और दीपेश बाघेला तीन जुलाई को लापता हो गए. उसके बाद पाँच जुलाई को दोनों के शव साबरमती नदी के किनारे मिले. स्थानीय लोग दोनों की मौत को संदिग्ध मानते हैं और वे इसकी सही तरीक़े से जाँच की माँग रहे हैं. इस माँग को लेकर लोगों ने छह और सात जुलाई को बच्चों के परिजनों के साथ प्रदर्शन भी किया था. आरोप स्थानीय पत्रकार महेश लंघा के मुताबिक़ पुलिस ने दोनों बच्चों की मौत को लेकर दुर्घटना का मामला दर्ज किया जिसके अनुसार उनकी मौत नदी में डूबने से हुई है. लंघा कहते हैं, "दोनों बच्चे रिश्तेदार हैं और उनके पिता ने आरोप लगाया है कि बच्चों की मौत नदी में डूबने से नहीं हुई है बल्कि वे आश्रम में 'काला जादू' के शिकार बने हैं." दोनों अभिभावक राज्य के गृह राज्यमंत्री से भी मिले थे और अपनी माँगों का एक पत्र सौंपा था. ये दोनों पिछले तीन दिनों से उपवास पर हैं. हालाँकि शुक्रवार को आसाराम बापू ने संवाददाताओं से कहा कि यह सब आश्रम की छवि को धूमिल करने की साज़िश है. वे सुबह दोनों बच्चों के परिवार से मिलने गए और कुछ देर वहाँ रुके. आसाराम ने पत्रकारों से कहा, "मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और सबको न्याय मिलेगा." उन्होंने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की भी अपील की है. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लंघा बताते हैं कि तीन दिन पहले आसाराम बापू के समर्थकों ने गोधरा में गुजराती अख़बार 'संदेश' के दफ़्तर पर हमला कर दिया था. उनके अनुसार आश्रम ने अपने समर्थकों को उन अख़बारों को नहीं ख़रीदने का निर्देश दिया है जो इस मामले में आसाराम बापू के ख़िलाफ़ लिख रहे हैं. सूरत में गुरुवार को बच्चों की मौत की निष्पक्ष जाँच को लेकर एक बड़ी सभा हुई थी. शुक्रवार को अहमदाबाद बंद का आयोजन भी इसी सिलसिले की अगली कड़ी है. लंघा बताते हैं कि बंद और तनाव को देखते हुए आश्रम के इलाक़े में उच्च स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है. यहाँ करीब पाँच हज़ार से ज़्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं. रोष महेश लंघा कहते हैं कि पुलिस प्राथमिकी दर्ज करने के अलावा इस मामले में कोई ख़ास जानकारी नहीं जुटा सकी है. लोगों में इस बात को लेकर भी रोष है. वे बताते हैं कि आश्रम के एक सेवक सुनील चटर्जी से पुलिस पूछताछ कर रही है लेकिन उसने क्या बताया है, यह सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है क्योंकि मामला संवेदनशील है. शुक्रवार को गुरु पूर्णिमा का दिन था और इस दिन हर साल दस लाख से ज़्यादा लोग आश्रम आते हैं. इस साल भी बड़ी संख्या में लोग आसाराम बापू को सुनने यहाँ पहुँचे हैं इसलिए सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिस वाले ज़्यादा चौकसी बरत रहे हैं. आश्रम में शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन बुलाया गया था लेकिन वहाँ पहुँचे कुछ मीडियाकर्मियों की प्रवचनकर्ता के समर्थकों ने पिटाई कर दी. एक समाचार चैनल की पत्रकार और एक स्थानीय अख़बार के फ़ोटोग्राफ़र को समर्थकों ने पीट दिया. उनके कैमरों को भी नुक़सान पहुँचा है. दो टीवी चैनलों की ओबी वैन क्षतिग्रस्त कर दी गई है. इस बीच राज्य के गृह राज्यमंत्री अमित शाह ने कहा, "पुलिस दोषियों को जल्दी पकड़ लेगी. लेकिन किसी को क़ानून हाथ में लेने की इजाज़त नहीं दी जाएगी." | इससे जुड़ी ख़बरें डेरा समर्थकों और सिखों की फिर झड़पें18 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस राम रहीम को नियमित ज़मानत मिली25 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस डेरा प्रमुख से पुलिस ने की पूछताछ17 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस डेरा प्रमुख के ख़िलाफ़ आरोप दायर 01 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस क्या है डेरा सच्चा सौदा?18 मई, 2007 | भारत और पड़ोस श्री श्री रविशंकर से 'एक मुलाक़ात'15 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस दलाई लामा की सुरक्षा बढ़ाई गई05 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस अमृतानंदमयी पर हमले की कोशिश22 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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