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अमरीकी सैनिकों ने चौकी छोड़ी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान के एक गाँव से अमरीकी सैनिकों ने अपनी चौकी खाली कर दी है. रविवार को वहाँ चरमपंथियों के एक हमले में नौ अमरीकी सैनिकों की मौत हो गई थी और क़रीब 12 सैनिक घायल हो गए थे. रविवार को नूरिस्तान और कुनड़ सूबे के नज़दीक वानात गाँव में सैनिकों की चौकी पर कम से कम 100 चरमपंथियों ने हमला कर दिया था. सैनिकों की यह चौकी इस हमले से कुछ ही दिन पहले बनाई गई थी. एक बयान के मुताबिक गाँव में अमरीकी सैनिकों की चौकी अस्थायी थी और वहाँ 'नियमित चौकसी' जारी रहेगी. स्थानीय अधिकारियों के अनुसार मंगलवार को अमरीकी सैनिकों की वापसी के बाद अफ़ग़ानिस्तान की पुलिस चरमपंथियों से मुक़ाबला कर रही है. वर्ष 2001 से अफ़ग़ानिस्तान में छिड़े संघर्ष के बाद रविवार को हुए हमले में सबसे ज़्यादा संख्या में अमरीकी सैनिक हताहत हुए. उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नैटो) का कहना है कि संघर्ष में विद्रोही भी काफ़ी संख्या में हताहत हुए हैं. तेज़ी हालांकि नैटो ने हमलावरों का नाम नहीं बताया है, हाल के दिनों में अफ़ग़ानिस्तान में, ख़ासकर पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान के हमले में तेज़ी आई है. इस क्षेत्र में अन्य विद्रोही भी सक्रिय हैं. नैटो के प्रवक्ता मार्क लेटी ने कहा, "हम पुष्टि करते हैं कि वानात में सुरक्षा के लिए बनी चौकी को हमने खाली करवा दी है." लेकिन नैटो का कहना है कि इस क्षेत्र में सैनिकों की चौकसी और अफ़ग़ानिस्तान के सुरक्षा बलों की मौजूदगी बनी रहेगी. बीबीसी के काबुल संवाददाता एलेस्टर लीथहेड का कहना है कि पूरे अफ़ग़ानिस्तान में चरमपंथियों से मुकाबला करने के लिए अमरीकी सैनिकों की छोटी टुकड़ियाँ तैनात हैं ताकि स्थानीय लोगों में सुरक्षा बोध बना रहे. | इससे जुड़ी ख़बरें आत्मघाती हमले में 21 लोगों की मौत13 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस नैटो का चरमपंथी ठिकाने पर हमला12 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस 'चरमपंथी नहीं, महिलाएँ, बच्चे मारे गए'11 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान में सैनिकों पर बढ़ते हमले01 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस छह दिनों में ढाई सौ से ज़्यादा मौतें10 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस 'तालेबान के हमलों में 40 प्रतिशत वृद्धि'25 जून, 2008 | भारत और पड़ोस कई गाँवों पर तालेबान का क़ब्ज़ा17 जून, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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