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नेपाल के पूर्व राजकुमार देश छोड़ गए? | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल के पूर्व राजा ज्ञानेंद्र के पुत्र पारस शाह पिछले दो वर्षों से ज़्यादा की अवधि के बाद पहली बार नेपाल छोड़ कर सिंगापुर गए हैं. इस बात के क़यास लगाए जा रहे हैं कि विवादास्पद पूर्व राजकुमार सदा के लिए सिंगापुर में बसने चले गए हैं. हालांकि पारस के एक नज़दीकी रिश्तेदार अभिनेश शाह ने इस बात का खंडन किया है. उन्होंने बीबीसी को बताया कि इस बात का 'सवाल ही नहीं उठता' कि पारस देश छोड़ गए हैं. अभिनेश ने बताया कि पारस अपने तीन बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के लिए बेहतर स्कूल तलाश रहे थे. उनका कहना था कि नेपाल में लगातार होने वाली हड़ताल और ट्रैफ़िक की वजह से बच्चों की पढ़ाई-लिखाई बाधित हो रही थी. अभिनेश के मुताबिक पारस और उनकी पत्नी हिमानी बच्चों के अभिभावक के रूप में अच्छा-ख़ासा समय सिंगापुर में बिताएँगे, लेकिन जैसे ही बच्चे बड़े हो जाएँगे संभव है कि नेपाल के अच्छे स्कूलों में आगे की पढ़ाई करने वापस आ जाएँ. नकारात्मक छवि उन्होंने बताया कि 37 वर्षीय पारस के लिए सिंगापुर में उपलब्ध मेडिकल की अच्छी सुविधा लाभदायक होगी. पारस को हाल ही में दिल का दौरा पड़ा था. पूर्व राजकुमार अपने दो सुरक्षाकर्मियों और एक क़रीबी रिश्तेदार के साथ सिंगापुर के लिए हवाई जहाज़ पर सवार होने से पहले नेपाल के एयरपोर्ट पर देखे गए. नेपाल में छपी कुछ रिपोर्टों के मुताबिक पारस शाह अपने बच्चों और पत्नी की सुरक्षा को लेकर चिंतित थे और नेपाल छोड़ने की योजना बना रहे थे. अपनी जीवनशैली और शराब पीने की लत के कारण पूर्व राजकुमार पारस की छवि नेपाल के आम लोगों के बीच अच्छी नहीं है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'नारायणहिती' छोड़कर 'नागार्जुन महल' गए ज्ञानेंद्र12 जून, 2008 | भारत और पड़ोस नेपाली शाही परिवार के भत्ते बंद 11 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस नेपाली राजशाही का इतिहास28 मई, 2008 | भारत और पड़ोस राजा लोकहित के लिए काम करेंगे11 जून, 2008 | भारत और पड़ोस 'राजा ज्ञानेंद्र ज़्यादतियों के लिए ज़िम्मेदार'20 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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