|
डीएमके ने पीएमके से किनारा किया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रमुक मुनेत्र कषगम (डीएमके) ने राज्य सरकार को बाहर से समर्थन कर रही पीएमके से नाता तोड़ लिया है. डीएमके ने यह भी कहा है कि वह केंद्र में सरकार से पीएमके को अलग करने के बारे में किसी तरह का दबाव नहीं डालेगी. राज्य के मुख्यमंत्री और द्रमुक अध्यक्ष एम करुणानिधि की अध्यक्षता में पार्टी मुख्यालय अन्ना अरिवलयम में आयोजित पार्टी की उच्चस्तरीय समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया. करुणानिधि ने एक घंटे से ज्यादा देर तक चली बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि पीएमके के साथ उनकी पार्टी का गठजोड़ जारी रखना असंभव हो गया था. उन्होंने आरोप लगाया कि पीएमके उनके साथ लगातार अपमानजनक व्यवहार कर रही थी. मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएमके के एक नेता ने द्रमुक नेताओं के ख़िलाफ़ की गई अपमानजनक टिप्पणियों के बावजूद पीएमके ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की. बैठक में पारित लंबे प्रस्ताव में पार्टी ने आरोप लगाया कि पीएमके के संस्थापक डा एस रामदॉस द्रमुक सरकार के हर फ़ैसले की आलोचना कर सस्ती लोकप्रियता पाने की कोशिश कर रहे हैं जो गठबंधन धर्म के ख़िलाफ़ है. | इससे जुड़ी ख़बरें जयललिता पर विशेषाधिकार मामला18 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस वेदांती के ख़िलाफ़ डीएमके ने शिकायत की25 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री विवादों के घेरे में09 मई, 2006 | भारत और पड़ोस 'भारत तमिल राष्ट्र का समर्थन करे'15 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||