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'भारत तमिल राष्ट्र का समर्थन करे' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय राज्य तमिलनाडु के कुछ राजनीतिक दलों ने माँग की है कि भारत सरकार श्रीलंका के उत्तरी और पूर्वी भाग में एक अलग तमिल राष्ट्र (तमिल ईलम) बनाने का समर्थन करे. ये पार्टियाँ है पट्टाली मक्कल काची (पीएमके), तमिल नेशनल मूवमेंट (टीएनएम) और दलित पैंथर्स ऑफ़ इंडिया, जो श्रीलंका के तमिल विद्रोही संगठन एलटीटीई के जाने-माने समर्थक रहे हैं. चेन्नई में एक जनसभा में इन पार्टियों ने एक प्रस्ताव पारित कर भारत सरकार और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अनुरोध किया है कि वे तमिल ईलम यानि तमिलों के अलग राष्ट्र को मान्यता दें. इन दलों ने आरोप लगाया है कि श्रीलंका में तमिलों पर तरह-तरह के अत्याचार हो रहे हैं और एक अलग तमिल राष्ट्र बनाने से ही समस्या का समाधान हो सकता है. ये भी माँग उठाई गई है कि श्रीलंका से तमिलनाडु आने वाले शरणार्थियों को संयुक्त राष्ट्र के नियमों के अनुसार शरणार्थी माना जाए. महत्वपूर्ण है कि तमिलनाडु की राजनीति में मुख्यधारा शामिल प्रमुख पार्टियों ने एलटीटीई से दूरी बनाई हुई है. भारत में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी की हत्या के बाद एलटीटीई पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. गौरतलब ये भी है कि तमिलनाडु में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं और अब इन दलों ने अभियान तेज़ कर दिया है. | इससे जुड़ी ख़बरें वाइको ज़मानत पर रिहा07 फ़रवरी, 2004 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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