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सोमवार, 02 जून, 2008 को 08:38 GMT तक के समाचार
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सोलह शवों का पोस्टमॉर्टम ख़त्म हुआ

आंदोलनकारियों के शव
पिछले 10 दिनों से शवों के साथ ही गूजरों का आंदोलन जारी था
राजस्थान में गूजर आंदोलन के दौरान मारे गए 16 लोगों के शवों का पोस्टमार्टम पीलूपुरा में ख़त्म हो गया है जबकि सिकंदरा में पोस्टमॉर्टम अभी जारी है.

ये जानकारी संसदीय कार्य मंत्री राजेंद्र राठौर ने दी.

इससे पहले जयपुर से 14 शवों को कड़ी सुरक्षा के बीच सिकंदरा स्थित पीलूपुरा रवाना किया गया.

कुछ शवों का पोस्टमार्टम दौसा और सवाईमाधोपुर में ही संपन्न कराने के लिए वहाँ भी डॉक्टरों की टीम गठित की गई है.

पर इस दौरान राज्य सरकार की मुश्किलें हल होती नज़र नहीं आ रही हैं. जहाँ गूजरों ने अपना आंदोलन जारी रखा है वहीं भाजपा के एक सांसद के खुलकर मुख्यमंत्री के विरोध में सामने आने से मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की मुश्किलें बढ़ती नज़र आ रही हैं.

भरतपुर के विधायक विजय बंसल के हाथों दिव्या सिंह, जो कि गूजर बिरादरी से हैं और राज्य की डीग विधानसभा सीट से विधायक हैं, सोमवार को अपना इस्तीफ़ा गूजर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला को भिजवा दिया है.

उल्लेखनीय है कि दिव्या सिंह राज्य की भरतपुर संसदीय सीट से भारतीय जनता पार्टी के सांसद विश्वेंद्र सिंह की पत्नी हैं.

राज्य में 11 दिन पहले से शुरू हुए गूजर आंदोलन में क़रीब 39 लोगों की पुलिस फ़ायरिंग के दौरान मौत हो गई थी. आंदोलनरत गूजर बिरादरी के लोग राज्य में अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिए जाने की माँग कर रहे हैं.

तब से लेकर रविवार तक गूजर बिरादरी के लोग इनमें से कई शवों को अपने कब्ज़े में लेकर आंदोलन जारी रखे हुए थे.

इस दौरान गूजर नेताओं से शवों के पोस्टमार्टम को लेकर प्रशासन की बातचीत चलती रही. रविवार को इस बारे में सहमति बन गई थी जिसमें गूजरों ने मांग रखी थी कि शवों का पोस्टमॉर्टम घटनास्थल पर ही होगा.

पोस्टमार्टम

रविवार को राजस्थान के संसदीय कार्य मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने बताया था कि गूजर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला 16 शवों का पोस्मॉर्टम कराए जाने पर राज़ी हो गए हैं.

गूजर
गूजरों ने अपना आंदोलन जारी रखा है

इसी दिशा में प्रशासन ने डॉक्टरों के तीन दलों को गठित करने का काम रविवार तक पूरा कर लिया था. डॉक्टरों के दलों में गूजर डॉक्टरों को भी शामिल किया गया है.

पर पोस्टमार्टम के बाद भी शवों के अंतिम संस्कार को लेकर गूजरों की ओर से कुछ स्पष्ट तौर पर नहीं कहा गया है. परिजनों का कहना है कि गूजर समाज सम्मिलित रूप से इस बारे में कोई निर्णय लेगा.

गूजरों की तरफ़ से एक शर्त ये भी रखी गई थी कि पोस्टमॉर्टम के दौरान पुलिस मौजूद नहीं होगी. इस शर्त को भी सरकार ने मान लिया है.

आंदोलन जारी

उधर राज्य सरकार की तकलीफ़ अभी भी हल होती नज़र नहीं आ रही है. गूजर पोस्टमार्टम के लिए तो राजी हुए हैं पर आंदोलन अभी भी जारी रखा है.

रविवार रात से ही दिल्ली-जयपुर रेलमार्ग को दौसा में गूजर महिलाओं के एक बड़े जत्थे ने पूरी तरह से बाधित कर दिया है.

स्थिति यह है कि यात्रियों को राज्य प्रशासन की व्यवस्था से जयपुर और दिल्ली भेजा जा रहा है और उनके किराए वापस किए जा रहे हैं.

वसुंधरा राजे
वसुंधरा राजे की मुश्किलें कम होती नज़र नहीं आ रही हैं

प्रशासन ने 22 बसों की मदद से लोगों को जयपुर और दिल्ली पहुँचाने का काम पूरा किया है.

इस रूट पर रेल यातायात ठप्प हो गया है. प्रशासन आंदोलनकारियों के ख़िलाफ़ कोई कड़ी कार्रवाई करने से बच रहा है क्योंकि पिछले दिनों की कार्रवाई से राज्य सरकार की मुश्किलें और बढ़ी हैं.

बागी हुए अपने

राज्य सरकार के लिए सोमवार को नई चुनौती उनकी अपनी ही पार्टी से उठ खड़ी हुई है.

राज्य की भरतपुर संसदीय सीट से भारतीय जनता पार्टी के सांसद विश्वेंद्र सिंह ने राज्य के सभी गूजर विधायकों और मंत्रियों से अपने-अपने इस्तीफ़े देने की अपील की है.

उन्होंने अपील करते हुए कहा है कि जिन लोगों ने राज्य में बिरादरी की मदद से कुर्सी पाई है वे बिरादरी के लिए कुर्सी छोड़ने को भी तैयार हों.

अगर ऐसा होता है तो राज्य सरकार के गूजर विधायकों और मंत्रिमंडल का हिस्सा दो गूजर मंत्रियों पर भी इस्तीफा सौंपने के दबाव बनेगा.

अभी तक पार्टी के भीतर से विरोध के स्वर तो उठ रहे थे पर अब मुख्यमंत्री को पार्टी के नेताओं से खुला विरोध देखने को मिल रहा है.

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