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क्या लाशों पर हो रही है राजनीति? | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
वे महज़ तमाशबीन थे या हिंसा पर उतारू भीड़ का हिस्सा? यह कोई नहीं जानता लेकिन बंदूक की एक गोली ने हनुमान का जीवन लील लिया. राजस्थान में आरक्षण आंदोलन में हिंसा की भेंट चढ़े जयपुर के सवाई मान सिंह अस्पताल में जिन लोगों का शव रखा गया है उनमें से एक हनुमान का भी है. इन लोगों का दाह संस्कार अभी तक नहीं हो सका है. कुछ शव परिजनों के पास हैं तो 14 शव राजस्थान के सरकारी अस्पताल में रखे गए हैं. इन शवों के लिए परिजन गुहार लगा रहे हैं और आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है. अपने परिजनों के शव लेने आए लोगों का आरोप है कि सरकार उन्हें शव नहीं दे रही है. अपने भाई का शव लेने आए दौसा के बाबू लाल गमऊ ग़ुस्से में कहते हैं, "पुलिस और डॉक्टर कह रहे हैं कि सरकार के आदेश के बिना वे शव नहीं देंगे. हमारे घर पर चूल्हा नहीं जल रहा है. हमारे गाँव में लोग तड़प रहे हैं." आरोप-प्रत्यारोप अस्पताल में अपने परिजन के शव का इंतज़ार करने वालों में 70 वर्ष के रामफूल भी हैं. वह कहते हैं, "हम तो ऐसे परिवेश में जीते हैं जहाँ पर जानवरों की मौत पर भी मातम मनाया जाता है और चूल्हा नहीं जलता." उधर सरकार ने इन आरोपों को ग़लत बताया है. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री नरपति सिंह राजवीर और उद्योग मंत्री दिगंबर सिंह ने समवेत स्वर में कहा कि सरकार भला ऐसा क्यों करेगी. वे कहते हैं, "पुलिस की शिनाख़्त के बाद सरकार शव परिजनों को सुपुर्द कर रही है." राजवीर कहते हैं, "आंदोलनकारी जानबूझ कर शव का पोस्टमार्टम नहीं करवा रहे हैं और देरी कर रहे हैं. उनका प्रयास कहीं असलियत छिपाने का तो नहीं." पार्थिव देह राजनीति नहीं करतीं, पर क्या लाशों पर राजनीति उचित है? | इससे जुड़ी ख़बरें गूजरों पर फिर फ़ायरिंग, 31 की मौत24 मई, 2008 | भारत और पड़ोस आरक्षण के लिए दिल्ली में जुटे गूजर03 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस गूजरों की सरकार से वार्ता की संभावना कम25 मई, 2008 | भारत और पड़ोस दिल्ली में गूजरों का प्रदर्शन, बीजेपी अध्यक्ष से मिले03 जून, 2007 | भारत और पड़ोस गूजर नेता बैंसला के ख़िलाफ़ मामला दर्ज26 मई, 2008 | भारत और पड़ोस 'गूजर मामले में अन्य राज्यों की बैठक बुलाई जाए'26 मई, 2008 | भारत और पड़ोस भाजपा के दो गूजर विधायक निलंबित10 जून, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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