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जम्मू में फिर मुठभेड़, चरमपंथी की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत प्रशासित जम्मू कश्मीर में सोमवार को सांबा सैन्य छावनी के पास सेना से मुठभेड़ में एक चरमपंथी की मौत हो गई है. सेना का कहना है कि संदिग्ध चरमपंथियों ने जम्मू से 45 किलोमीटर दक्षिण में सांबा की सैन्य छावनी की एक सुरक्षा चौकी पर पास की घनी झाड़ियों से गोलीबारी की थी. सेना ने कहा कि उस समय वहाँ घेराबंदी कर संदिग्ध चरमपंथियों की तलाशी का अभियान चलाया जा रहा था. सेना का दावा है कि सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में एक चरमपंथी की मौत हो गई है और उनका शव बरामद कर लिया गया है. रविवार को भी सांबा के केलीमंडी इलाक़े में सुरक्षा बलों से चरमपंथियों की 12 घंटे तक चली मुठभेड़ में आठ लोग मारे गए थे. इसमें दो चरमपंथियों के साथ ही सुरक्षा बल के दो जवान, एक फ़ोटो पत्रकार समेत आठ लोगों की मौत गई गई थी. इसमें 11 लोग घायल भी हुए थे. तलाशी का काम जम्मू में सेना के प्रवक्ता लेफ़्टिनेंट कर्नल एसडी गोस्वामी ने कहा, " सांबा सैन्य छावनी की एक चौकी पर गोली चलाई गई लेकिन उसके बाद कोई हरकत नहीं हुई. इसके बाद जवानों ने चरमपंथियों को पकड़ने के लिए इलाक़े की घेराबंदी कर तलाशी का काम शुरू कर दिया." उन्होंने कहा कि सैन्य चौकी पर गोली चलाने वाले चरमपंथी एक या उससे ज़्यादा हो सकते हैं. हालाँकि पुलिस ने इस तरह की किसी घटना से इनकार करते हुए कहा, " सुरक्षा बल कल की मुठभेड़ के बाद तलाशी अभियान चला रहे हैं." जिस इलाक़े में यह गोलीबारी हुई है वह केलीमंडी के मुठभेड़ स्थल से कुछ सौ मीटर की दूरी पर ही है. सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ़) ने दावा किया था कि गुरुवार को उन्होंने पाकिस्तान की तरफ़ से भारतीय सीमा में घुसपैठ की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया था. उसका कहना था कि लगभग 15 चरमपंथियों का एक ग्रुप ने भारत में दाख़िल होने की कोशिश कर रहा था. यह इलाक़ा केलीमंडी के मुठभेड़ स्थल से करीब 10 किलोमीटर दूर है. सेना और पुलिस को इस बात की आशंका है कि उस दिन कुछ चरमपंथी घुसपैठ में सफल हो गए थे. जम्मू में हड़ताल केलीमंडी में रविवार को हुई मुठभेड़ में सुरक्षा बल के दो जवानों समेत छह नागरिकों की मौत के विरोध में जम्मू शहर में सोमवार को आम हड़ताल है. केलीमंडी मुठभेड़ में एक स्थानीय अख़बार के फ़ोटोग्राफ़र अशोक सोढ़ी और स्थानीय नेता होशियार सिंह और उनकी पत्नी की भी मौत हो गई थी. चरमपंथी हमले के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने इस हड़ताल का आह्नान किया गया है. हड़ताल को पैंथर्स पार्टी और दूसरे राजनीतिक-सामाजिक संगठनों के अलावा राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन की प्रमुख घटक कांग्रेस का भी समर्थन हासिल है. हड़ताल का समर्थन कर रही पार्टियों और संगठनों का कहना है, " निर्दोष लोगों ख़ासकर फ़ोटो पत्रकार की मौत के शोक में और एकजुटता दिखाने के लिए इस हड़ताल का आह्नान किया गया है." | इससे जुड़ी ख़बरें कश्मीर में मुठभेड़ ख़त्म, आठ की मौत11 मई, 2008 | भारत और पड़ोस भारत पाकिस्तान सीमा पर गोलीबारी09 मई, 2008 | भारत और पड़ोस ग़ुलाम नबी आज़ाद के साथ एक मुलाक़ात01 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस तीन पाकिस्तानी सैनिक गिरफ़्तार10 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस कश्मीर में मुठभेड़, सात मारे गए02 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस विधवा से भी बदतर है ज़िंदगी26 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस ख़ानदान राजाओं का, नौकरी क्लर्क की19 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस जम्मू-कश्मीर में सेना के विरोध में बंद27 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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