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उत्तर-पश्चिमी श्रीलंका में संघर्ष, कई हताहत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका की सेना का कहना है कि देश के उत्तर-पश्चिम में एक नगर पर कब्ज़ा करने के लिए हुई लड़ाई में 15 तमिल विद्रोही और दो सैनिक मारे गए हैं. ब्रिगेडियर उदय नानायाकारा ने बीबीसी को बताया कि इस भीषण लड़ाई में श्रीलंका की सेना के दो सैनिक भी मारे गए. लड़ाई तब हुई जब सेना मन्नार ज़िले में आदमपान को अपने नियंत्रण में करने की कोशिश कर रही थी. तमिल विद्रोही संगठन एलटीटीई की ओर से इस बारे में फ़िलहाल कोई बयान नहीं आया है. 'एलटीटीई का मज़बूत गढ़' इस साल जनवरी से श्रीलंका में सेना और तमिल विद्रोहियों के बीच संघर्ष तब से और तेज़ हो गया जब से सरकार ने तमिल विद्रोहियों के साथ संघर्षविराम को वापस से लिया. ब्रिगेडियर नानायाकारा का कहना था कि आदमपान इलाक़ा एलटीटीई को एक मज़बूत गढ़ था. उनके अनुसार, "उस इलाक़े में तमिल विद्रोहियों ने मज़बूत बंकर बना रखे थे. उस इलाक़े पर नियंत्रण कायम करना इसलिए ज़रूरी थी कि वहाँ लोगों को बसाया जा सके." उनका कहना था कि सेना के इस अभियान में सात सैनिक घायल भी हुए हैं. ग़ौरतलब है कि पिछले महीने तमिल विद्रोहियों ने श्रीलंका के पूर्वोत्तर में स्थित वेलोया क्षेत्र में सैनिक ठिकानों को निशाना बनाकर बमबारी की थी. तमिल विद्रोही देश के पूर्वी और उत्तरी क्षेत्र में तमिल लोगों के लिए स्वतंत्र राज्य स्थापित करने के मकसद से हिंसक संघर्ष कर रहे हैं. इसमें वर्ष 1983 से अब तक कम से कम 70 हज़ार लोग मारे जा चुके हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें श्रीलंका सेना के ठिकानों पर हवाई हमले27 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में बस में बम फटा, 24 मरे25 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में धमाका, परिवहन मंत्री की मौत06 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस श्रीलंका सरकार पर अपहरण के आरोप06 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में 'पत्रकारों के लिए ख़तरा बढ़ा'07 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में विस्फोट, 18 मारे गए02 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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