|
सोनिया गाँधी ताक़तवरों में! | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में सत्तारूढ़ गठबंधन संयुक्त लोकतांत्रिक गठबंधन की प्रमुख और कांग्रेस नेता सोनिया गाँधी और रतन टाटा को दुनिया के ऐसे 100 लोगों में प्रमुख स्थान मिला है जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में प्रभाव और नाम कमाया है. अमरीका पत्रिका टाइम ने दुनिया के 100 सबसे ज़्यादा प्रभावशाली लोगों की यह सूची जारी की है. इस सूची में तिब्बत के आध्यात्मिक नेता दलाई लामा, अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश, अमरीकी राष्ट्रपति चुनावों में तीन प्रमुख उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन, बराक ओबामा और जॉन मैक्केन, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और रूस के नेता व्लादिमीर पुतिन के नाम भी शामिल हैं. टाइम पत्रिका के जिस अंक में यह सूची प्रकाशित हुई है वह शुक्रवार को बाज़ार में आएगा. इस सूची में प्रभावशाली लोगों की तीन अलग-अलह श्रेणियों में रखा गया है जिनमें नेता और क्रांतिकारी, हीरो और अग्रणी, वैज्ञानिक और चिंतक, कलाकार और उद्योगपति, बिल्डर्स और असाधारण गुणों से संपन्न व्यक्ति शामिल हैं. सोनिया गाँधी ने नेताओं क्रांतिकारियों की श्रेणी में जगह पाई है और इस श्रेणी में उनके अलावा दलाई लामा, व्लादिमीर पुतिन, बराक ओबामा, हिलेरी क्लिंटन, जॉन मैक्केन और जॉर्ज बुश के नाम भी हैं. बिल्डर्स और असाधारण गुणों से संपन्न व्यक्तियों वाली सूची में पेप्सी को की मुखिया इंदिरा नूई और रतन टाटा के नाम शामिल हैं. ग़ौरतलब है कि इंदिरा नूई भी भारतीय मूल की उद्योगपति हैं और रतन टाटा भारत और अनेक देशों में कारोबार चला रहे टाटा उद्योग समूह के प्रमुख हैं.
इस सूची में जिन अन्य व्यक्तियों ने जगह पाई है उनके नाम हैं - न्यूज़ कॉर्पोरेशन के मुखिया रूपर्ट मर्डोक, एप्पल कंप्यूटर के प्रमुख स्टीव जॉब्स, माइक्रोसॉफ़्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्टीव बैल्मर और मैक्सिको के अरबपति कार्लोस स्लिम. सोनिया गाँधी पर टाइम पत्रिका के लिए भारतीय मूल के पूर्व संयुक्त राष्ट्र अधिकारी शशि थरूर ने लेख लिखा है जिसमें कहा गया है, "इकसठ वर्षीय सोनिया गाँधी हर तरह से एक अदभुत नेता हैं और उनकी जीवनगाथा एक मिसाल बन चुकी है." सोनिया गाँधी की कहानी एक ऐसी परी की कहानी लगती है जो अपना देश छोड़कर किसी दूसरे देश जाती है और वहाँ के राजकुमार से विवाह रचाती है. कुछ समय तक तो वह राजमहल का सुख भोगती है लेकिन थोड़े ही समय बाद उसका राजकुमार मार दिया जाता है और शुरू होते हैं दर्दनाक दिन. विदेशी मूल की यह राजकुमारी अपने राजकुमार के चले जाने से दुख के सागर में खो जाती है लेकिन अचानक एक दिन वह राजनीति की दुनिया में प्रकट हो जाता है और फिर शुरू होता है सिलसिला राजनीतिक दाँव-पेंचों का... किसने सोचा था कि एक दिन विदेशी मूल की यह राजकुमारी भारत में सत्ता की बागडोर थामे बैठी होगी. सोनिया गाँधी की कहानी के दो रूप सामने आते हैं - एक यह कि वह इटली की एक ऐसी महिला हैं जो एक अरब से भी ज़्यादा जनसंख्या वाले देश भारत में सबसे प्रभावशाली राजनेता बन गईं और दूसरा रूप ये कि उन्होंने कांग्रेस को फिर से सत्ता के गलियारे तक पहुँचाया और प्रधानमंत्री की कुर्सी हाथ में आने के बावजूद वह पर्दे के पीछे ही रहना पसंद करती हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें सोनिया के अध्यक्ष के रूप में 10 साल 13 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस सफलता के 10 साल और सिर उठाते सवाल14 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस कांग्रेस को सक्रिय करने की कोशिश30 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस हर जगह है टाटा समूह की मौजूदगी26 मार्च, 2008 | कारोबार टाटा के काफ़िले में दो और गाड़ियाँ26 मार्च, 2008 | कारोबार लखटकिया को देखने पहुँचे दो लाख लोग13 जनवरी, 2008 | कारोबार 'नैनो के आने से सस्ते होंगे दुपहिया'12 जनवरी, 2008 | कारोबार एक लाख की 'नैनो' लाया टाटा10 जनवरी, 2008 | कारोबार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||