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सेना का तीर्थस्थल पर नियंत्रण का दावा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका की सेना ने कहा है कि उसने देश के उत्तर में स्थित सबसे पवित्र रोमन कैथोलिक तीर्थस्थल को अपने नियंत्रण में ले लिया है. कई शताब्दियों पुराना ये तीर्थस्थल मधु शहर में स्थित है और श्रीलंका के उस इलाक़े में स्थित है जहाँ सेना और तमिल विद्रोहियों के बीच संघर्ष चल रहा है. जहाँ विभिन्न समाचार माध्यमों में बुधवार को हुए संघर्ष में 165 लोगों के मारे जाने की ख़बर आई है वहीं सरकार ने कहा है कि ने कहा है कि जाफ़ना प्रायद्वीप में हुई लड़ाई में 43 सैनिक मारे गए हैं और 38 अन्य लापता हैं. सेना और तमिल विद्रोही एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं कि गोलाबारी में तीर्थस्थल परिसर को नुकसान पहुँचा है और तीर्थस्थल की मिली तस्वीरों से पता चलता है कि उसे ख़ासी क्षति पहुँची है. सेना के एक प्रवक्ता का कहना है कि जब सेना परिसर में पहुँचे तब वहाँ कोई एलटीटीई विद्रोही नहीं था. इस महीने इस तीर्थस्थल में मौजूद पादरी वर्जिन मेरी की मूर्ति उठाकर वहाँ से भाग गए थे. पिछले चार सौ साल में ये पहला मौका था जब उस स्थल से वर्जिन मेरी की मूर्ति हटाई गई थी. |
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