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बैतुल्लाह महसूद ने 'शांति का हुक्म' दिया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के एक शीर्ष तालेबान कमांडर बैतुल्लाह महसूद ने अपने समर्थकों को देश में हमले रोकने का हुक्म दिया है. बैतुल्लाह महसूद वही व्यक्ति है जिस पर पाकिस्तानी अधिकारी पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो की हत्या का आरोप लगाते हैं. देश भर में हमले रोकने का बैतुल्लाह महसूद का यह हुक्म कुछ पर्चों पर छापा गया है जो अफ़ग़ान सीमा से मिलने वाले क़बायली इलाक़ों में बाँटे गए हैं. इन पर्चों में यह भी कहा गया है कि जो भी इस आदेश का उल्लंघन करता हुआ पाया जाएगा उसे दंडित किया जाएगा. दक्षिणी वज़ीरिस्तान इलाक़े में बाँटे गए इन पर्चों में कहा गया है, "तहरीके तालेबान (तालेबान आंदोलन) के सभी सदस्यों को बैतुल्लाह महसूद की तरफ़ से आदेश दिया जाता है कि शांति बहाल करने की ख़ातिर तमाम भड़काऊ गतिविधियों पर पाबंदी लगाई जाती है." इन पर्चों में यह भी कहा गया है कि जो भी व्यक्ति इस आदेशों का उल्लंघन करेगा उसे सार्वजनिक तौर पर दंडित किया जाएगा. इन पर्चों के अनुसार, "आदेशों का उल्लंघन करने के बारे में कोई दलील स्वीकार नहीं की जाएगी और यह एक सख़्त आदेश है." बैतुल्लाह महसूद के एक प्रवक्ता मौलवी उमर ने पाकिस्तान के डॉन टेलीविज़न समाचार चैनल से कहा है कि तालेबान देश में शांति के किसी नए समझौते की कोशिशों के तहत पाकिस्तान की नई सरकार के साथ संपर्क में रहे हैं. शांति की ख़ातिर प्रवक्ता ने कहा कि मौलाना सूफ़ी मोहम्मद की रिहाई भी इसी शांति समझौते के तहत हुई है.
प्रवक्ता मौलवी उमर ने कहा कि दक्षिणी वज़ीरिस्तान में अफ़ग़ान सीमा से मिलने वाले कुछ इलाक़ों में जो पाकिस्तानी सेनाएँ तैनात थीं उनमें से कुछ को तो पहले ही हटा लिया गया है ताकि शांति का रास्ता साफ़ हो सके. पाकिस्तान की नई सरकार ने कहा है कि वह इस्लामी चरमपंथ से निपटने के लिए बातचीत और विकास का रास्ता अपनाएगी. पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता मेजर जनरल अतहर अब्बास ने हालाँकि कहा है, "हमें सरकार की तरफ़ से अभी कोई ऐसे आदेश नहीं मिलें हैं कि सेनाएँ हटाई जाएँ." पाकिस्तान सरकार ने गत सोमवार को ही एक सुलह समझौते के तहत मौलाना सूफ़ी मोहम्मद को रिहा किया था जिन्हें एक प्रतिबंधित इस्लामी संगठन का संस्थापक माना जाता है. इस संगठन के बारे में कहा जाता है कि वह पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान में लड़ाई में शामिल रहा है. मौलाना सूफ़ी मोहम्मद को पश्चिमोत्तर सीमा प्रांत की स्वात घाटी में हिंसा रोकने और शांति बहाल करने की सहमति के तहत रिहा किया गया है. मौलाना सूफ़ी मोहम्मद कि रिहाई का पाकिस्तानी तालेबान ने व्यापक स्वागत किया है. बैतुल्लाह महसूद बैतुल्लाह महसूद दक्षिणी वज़ीरिस्तान इलाक़े के महसूद क़बीले से संबंध रखते हैं. दक्षिणी वज़ीरिस्तान इलाक़े को अल क़ायदा और तालेबान चरमपंथियों का सुरक्षित गढ़ माना जाता है. बैतुल्लाह महसूद के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान में लड़ाई करने वाले तालेबान लड़ाकों को दक्षिणी वज़ीरिस्तान इलाक़े में सुरक्षित पनाह देने में मदद की है. बैतुल्लाह महसूद के बारे में कहा जाता है कि उनके नियंत्रण में लगभग बीस हज़ार तालेबान लड़ाके सक्रिय हैं और उनमें से ज़्यादातर महसूद क़बीले से ही संबंध रखते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें पाकिस्तान का एक बड़ा 'चरमपंथी' रिहा22 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस पाक हमले में 12 'चरमपंथी' मारे गए29 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस पाक सेना ने 'सुरंग को कब्ज़े में लिया'27 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान में कबायली नेताओं की हत्या07 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस सूबा सरहद में '40 विद्रोही मारे'21 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस चरमपंथी ठिकाने पर सेना का हमला26 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'कंधार में सौ अफ़ग़ान विद्रोही मारे गए'29 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान में चरमपंथी ठिकानों पर हमले19 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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