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'राष्ट्रमंडल में पाकिस्तान की वापसी हो' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन ने राष्ट्रमंडल से पाकिस्तान के निलंबन को समाप्त करने की अपील की है. पिछले साल पाकिस्तान में आपातकाल लगने के बाद उसे राष्ट्रमंडल ने तय समयसीमा के अंदर लोकतंत्र की बहाली में विफल रहने के आधार पर निलंबित कर दिया था. पाकिस्तान यात्रा पर गए ब्रिटिश विदेश मंत्री डेविड मिलिबैंड ने कहा है कि अब पाकिस्तान में लोकतंत्र और मीडिया की आज़ादी बहाल हो गई है. उनका कहना है कि नई सरकार का साथ देना अहम है ताकि वो चरमपंथ से प्रभावी तरीक़े से निबट सके. राष्ट्रमंडल देशों के मंत्री अगले महीने मिलने वाले हैं जिसमें पिछले साल नवंबर में पाकिस्तान को समूह से निलंबित करने के फ़ैसले की समीक्षा की जाएगी. 'बातचीत में कोई हर्ज़ नहीं' मिलिबैंड पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गीलानी से भी मिलने वाले हैं जिसमें वे चरमपंथ से मुक़ाबला जारी रखने पर ज़ोर देंगे.
गीलानी से मुलाक़ात में मिलिबैंड चरमपंथियों से बातचीत करने की नई सरकार के क़दम को भी अपना समर्थन जताएँगे. पाकिस्तानी संसद में गीलानी यह कह चुके हैं कि चरमपंथ से लड़ना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. पाकिस्तान दौरे के क्रम में मिलिबैंड इसका आकलन कर रहे हैं कि चरमपंथ और कट्टरपंथ से लड़ने के लिए पाकिस्तान के अंदर सैन्य रणनीति में बदलाव की क्या संभावनाएँ हैं. रविवार को मिलिबैंड ने कहा था कि पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान में जो लोग संविधान के दायरे में काम करने को तैयार हैं, उनके साथ बातचीत करनी चाहिए. पाकिस्तान में नई सरकार ने दो दशक पहले छात्र संघ और मज़दूर यूनियनों पर लगे प्रतिबंध को भी हटा दिया है. |
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