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'मैं नफ़रत में विश्वास नहीं करती' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अपने पिता राजीव गांधी की हत्या की एक अभियुक्त से मिल कर चर्चा का विषय बनने वाली प्रियंका गांधी ने कहा है कि वह ग़ुस्से, नफ़रत और हिंसा में विश्वास नहीं करतीं और इन भावनाओं को वह कभी अपने ऊपर हावी नहीं होने देंगी. ग़ौरतलब है कि प्रियंका गांधी ने राजीव गाँधी की हत्या के मुक़दमे में एक अभियुक्त नलिनी से 19 मार्च को तमिलनाडु की जेल में मुलाक़ात की थी. यह घटना ख़ासी चर्चा में आई है. प्रियंका गांधी वढेरा ने कहा, "यह सच है कि मैं नलिनी श्रीहरन से वेल्लोर कारावास में 19 मार्च, 2008 को मिली थी." एक टीवी चैनल से बातचीत में प्रियंका का कहना था, "यह मेरा निजी दौरा था. मैं इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहती. मैं ग़ुस्से या नफ़रत में विश्वास नहीं रखती. अपने पिता की मौत के सदमे से उबरने का ये मेरा अपना तरीका था." मुरुगन की पत्नी नलिनी को राजीव गांधी की हत्या के मामले में कुछ जुर्माने के साथ मौत की सज़ा सुनाई गई थी. बाद में सोनिया गांधी ने नलिनी की छोटी सी बेटी की वजह से क्षमायाचना की थी और इस सज़ा को आजीवन कारावास में बदलने का अनुरोध किया था. राहुल नहीं मिलेंगे नलिनी से नलिनी की मौत की सज़ा को आजीवन कारावास में बदलने के लिए अपनी माँ सोनिया गांधी के प्रयास के बारे में प्रियंका ने कहा, "वह भी हिंसा और नफ़रत में विश्वास नहीं करतीं."
प्रियंका गांधी के भाई और सांसद राहुल गाँधी ने इस बारे में कहा, "मैं प्रियंका की इस मुलाक़ात के बारे में जानता था. हम दोनों का ही हिंसा में विश्वास नहीं है. राहुल गांधी ने कहा कि नलिनी से मिलने का उनका कोई इरादा नहीं है. इससे पहले एक अख़बार में नलिनी के वकीलों के हवाले से लिखा गया था कि उन्हें नलिनी ने मुलाक़ात के बारे में विस्तार से बताया है और ये मुलाक़ात 'सौहार्दपूर्ण' माहौल में हुई. ग़ौरतलब है कि 1991 में 21 मई को चेन्नई के पास श्रीपेरंबदूर में एक चुनावी जनसभा के दौरान एक आत्मघाती हमलावर ने राजीव गांधी की हत्या कर दी थी. इस मामले में चार लोगों को मौत की सज़ा सुनाई गई थी जबकि बाक़ी लगभग बीस लोगों को अलग-अलग वर्षों के लिए कारावास का दंड दिया गया था. राजीव गांधी की हत्या के आरोप में जिन चार लोगों को मौत की सज़ा हुई उनमें नलिनी और मुरुगन भी शामिल थे. बाद में सोनिया गाँधी के अनुरोध पर नलिनी की मौत की सज़ा को उम्र क़ैद में बदल दिया गया था और वह जेल में है. एक अख़बार ने नलिनी श्रीहरण के वकील के हवाले से लिखा कि उनकी मुवक्किल के अनुसार यह मुलाक़ात 'बेहद सौहार्दपूर्ण' रही. अख़बार के अनुसार प्रियंका ने नलिनी से बातचीत में कहा, "मेरे पिता एक अच्छे व्यक्ति थे. अगर आप उनके भले स्वभाव के बारे में जानतीं तो यह न करतीं". | इससे जुड़ी ख़बरें 'युवाओं को प्रभावी भूमिका दिलवाएँगे'08 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस 'राहुल को अनुभवहीन समझना ग़लती'22 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस राजनीति में आने से फिर इनकार22 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस अस्पताल पहुँचे राजीव गांधी के 'हत्यारे'13 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस राजीव गांधी के 'हत्यारे' भूख हड़ताल पर17 जून, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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