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'युवाओं को प्रभावी भूमिका दिलवाएँगे' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कांग्रेस सांसद और महासचिव राहुल गांधी ने कहा है कि देश की राजनीतिक पार्टियों ने युवाओं को वो स्थान और अवसर नहीं दिया है जो उन्हें मिलना चाहिए था. उड़ीसा की चिंताजनक स्थिति पर बोलते हुए राहुल ने कहा कि उड़ीसा जैसे बदतर हाल और राज्यों में नहीं हैं. उत्तर प्रदेश में भी केवल बुंदेलखंड में उड़ीसा जैसी स्थिति दिखती है. अपनी 'भारत खोज यात्रा' के दौरान उड़ीसा के गुनपुर में आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस सहित देश की किसी भी पार्टी में युवाओं के लिए स्थान नहीं है. राहुल गांधी शनिवार को उड़ीसा के गुनपुर में अपने पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की याद में आयोजित एक रैली को संबोधित कर रहे थे. ग़ौरतलब है कि गुनपुर वही जगह है जहाँ राजीव गांधी ने अपने जीवन का अंतिम भाषण दिया था. इसके बाद वो तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर गए थे जहाँ एक जनसभा में पहुंचने के कुछ मिनटों बाद ही उनकी हत्या हो गई थी. राहुल गांधी ने इस अवसर पर कहा कि उनकी मंशा है कि संगठन का ऐसा ढांचा खड़ा किया जाए जिसमें युवाओं को केंद्रीय भूमिका में रखा जा सके. चुनाव के सुर उड़ीसा में चुनाव क़रीब हैं और इसलिए कांग्रेस मतदाताओं को अपनी ओर खींचना चाहती है. राहुल गांधी की इस यात्रा के साथ ही कांग्रेस ने चुनाव प्रचार का अनौपचारिक बिगुल फूंक दिया है. उड़ीसा सरकार की निंदा करते हुए कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने कहा, "पहले मैं सोचता था कि उत्तर प्रदेश ही सबसे पिछड़ा प्रदेश है, लेकिन उड़ीसा के दौरे के बाद उन्होंने अपनी यह धारणा बदल ली है." उन्होंने कहा कि अपने अमेठी दौरे के दौरान वो ऐसा गांव ढूंढते हैं जहाँ बिजली न पहुँची हो पर यहां वो ऐसा गांव ढूंढते रहे जहाँ बिजली पहुँची हो. उन्होंने कहा, "युवा कांग्रेस और एनएसयूआई में युवाओं के लिए जगह बनाउंगा और ऐसा संगठन तैयार करूँगा जो हर युवा, हर धर्म, हर जाति के लोगों का संगठन हो और जो हिंदुस्तान के लोगों की आवाज़ पूरी दुनिया में ले जा सके." राहुल गांधी ने कहा कि राजीव गांधी की मौत के साथ ही देश के युवाओं की आवाज़ मंद पड़ गई. | इससे जुड़ी ख़बरें 'दिल की राजनीति' करेंगे राहुल30 मार्च, 2004 | भारत और पड़ोस राहुल का चुनाव अभियान30 मार्च, 2004 | भारत और पड़ोस कांग्रेस की पारंपरिक सीटों का समीकरण11 अप्रैल, 2004 | भारत और पड़ोस नहीं चला राहुल के रोडशो का जादू11 मई, 2007 | भारत और पड़ोस राहुल को करनी होगी व्यावहारिक राजनीति24 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस राहुल गांधी की नई पारी: एक विवेचना04 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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