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राजीव गांधी के 'हत्यारे' भूख हड़ताल पर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए नलिनी और मुरुगन अपनी बेटी को श्रीलंका से भारत लाने की अनुमति देने की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं. नलिनी और मुरुगन इस समय जेल में बंद हैं. इनकी माँग है कि इनकी बेटी अरिध्रा को भारत आने के लिए वीज़ा दिया जाए ताकि वो तमिलनाडु आकर अपनी पढ़ाई पूरी कर सके. किशोरावस्था में पहुँच चुकी इनकी बेटी अरिध्रा जन्म के बाद से ही अपने दादा-दादी के पास श्रीलंका में रह रही है. पिछले वर्ष भी इस दंपति ने अपनी बेटी को भारत आने की अनुमति को लेकर भूख हड़ताल की थी जिसके बाद उनकी बेटी को भारत आने दिया गया था. अब एक बार फिर नलिनी और मुरुगन भूख हड़ताल पर बैठे हैं और इस बार उनकी मांग की है कि उनकी बेटी को भारत आकर अपनी शिक्षा प्राप्त करने का मौक़ा दिया जाए. पृष्ठभूमि 1991 में तमिलनाडु में एक जनसभा में हुए आत्मघाती हमले में राजीव गांधी की मौत हो गई थी. इस मामले में चार लोगों को मौत की सज़ा सुनाई गई थी जबकि बाक़ी डेढ़ दर्जन लोगों को कारावास दिया गया था. राजीव गांधी की हत्या के आरोप में जिन चार लोगों को मौत की सज़ा हुई उनमें नलिनी और मुरुगन भी शामिल थे. हालांकि नलिनी की मौत की सज़ा को उम्र क़ैद में बदल दिया गया है जबकि मुरुगन और बाक़ी दो मौत की सज़ा पा चुके लोगों ने क्षमादान की अपील है जो अभी विचाराधीन है. अरिध्रा का जन्म उस वक्त हुआ था जब उसकी माँ नलिनी जेल में थी पर जन्म के बाद उसे श्रीलंका भेज दिया गया था. | इससे जुड़ी ख़बरें राजीव हत्याकांड में याचिका दायर06 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस राजीव गाँधी को याद किया गया21 मई, 2005 | भारत और पड़ोस अनुभवहीनता के कारण राजीव विफल हुए22 अप्रैल, 2004 | भारत और पड़ोस राजीव गाँधी बोफ़ोर्स मामले में दोषमुक्त04 फ़रवरी, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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