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राजीव हत्याकांड में याचिका दायर | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में मद्रास हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें उसने राजीव गाँधी हत्याकांड के दो संदिग्ध श्रीलंकाई नागरिकों को छोड़ देने को कहा था. सीबीआई का मानना है कि इन श्रीलंकाई नागरिकों ने 1991 में राजीव गाँधी की हत्या में प्रमुख भूमिका निभाई थी. सीबीआई की ओर से दायर विशेष अनुमति याचिका में 25 अप्रैल के हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार इस अपील में कहा गया है कि 'लिंगम और वसंथम की राजीव गाँधी हत्याकांड में भूमिका थी'. सीबीआई का कहना है कि विशेष जाँच दल की रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आया है कि ये लोग एलटीटीई से नज़दीक से जुड़े थे. लिंगम और वसंथम को श्रीलंकाई शरणार्थियों के चेंगलपट्ट स्थित शिविर में रखा गया है. उन्हें वैध दस्तावेज़ों के बिना भारत में प्रवेश के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था. राजीव हत्याकांड की जाँच कर रहे जैन आयोग ने सीबीआई से मल्टी डिस्पि्लनरी मॉनिटरिंग एजेंसी(एमडीएमए) गठित करने और 21 संदिग्ध लोगों की हत्याकांड में भूमिका की जाँच के लिए कहा था. सीबीआई की अपील में कहा गया है कि हालांकि 21 लोगों की सूची में इन दोनों के नाम नहीं हैं. लेकिन जाँच एजेंसियों को ऐसी सूचनाएँ मिलीं थीं जिनसे संदेह होता है कि इन लोगों की राजीव गाँधी हत्याकांड में बड़ी भूमिका थी. ग़ौरतलब है कि 1991 के आम चुनाव में प्रचार के दौरान तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में एक बम विस्फोट में राजीव गांधी की मौत हो गई थी. |
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