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'महादलितों' के लिए तीन अरब का पैकेज | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अंबेडकर जयंती के अवसर पर दलित जातियों में सबसे पिछड़े तबकों के लिए 'महादलित अभियान' चलाने की घोषणा की है. इसके तहत राज्य सरकार तीन अरब रूपए खर्च करेगी जिसका इस्तेमाल अति पिछड़े दलितों के कल्याण के लिए किया जाएगा. नीतीश कुमार ने बिहार की राजधानी पटना में आयोजित महादलित सम्मेलन के बाद पत्रकारों से कहा, "इस बात में कोई शक नहीं कि पूरा दलित समुदाय समाज के सबसे वंचित समुदायों में से है लेकिन उनमें भी महादलितों की हालत काफ़ी कमज़ोर है." उनका कहना था कि नई योजना से अगले तीन वर्षों में कई कल्याणकारी योजनाएँ शुरु की जाएंगी. इससे पहले मुख्यमंत्री ने बिहार में महादलित आयोग का गठन किया था जिसकी विपक्ष ने आलोचना की थी. लोक जनशक्ति पार्टी के नेता रामविलास पासवान ने उन पर दलितों में फूट डालने का आरोप लगाया था. लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कहना है, "मैं सबके विकास के विचार पर आगे बढ़ता हूँ, लेकिन साथ ही चाहता हूँ कि दलितों में जो सबसे पिछड़े हैं वो अपने समुदाय के बाकी लोगों के साथ क़दम मिला कर चलें." उनका कहना था कि सरकार की पहली प्राथमिकता ऐसे लोगों को एक अदद छत दिलाने की होगी. | इससे जुड़ी ख़बरें बिहार: मंत्रिपरिषद में व्यापक फेरबदल13 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस लालू ने नीतीश पर निशाना साधा28 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'बिहार में आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ीं'11 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस मुख्यमंत्री को मसखरा समझने की सज़ा29 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस बिहार पुलिस को कमर कसने की सलाह18 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस बिहार के लिए न्यूनतम साझा कार्यक्रम15 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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