|
बिहार के लिए न्यूनतम साझा कार्यक्रम | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के राज्य बिहार में नीतीश कुमार सरकार ने प्रदेश के लिए नए न्यूनतम साझा कार्यक्रम की घोषणा की है. इस कार्यक्रम में जवाबदेही और पारदर्शिता पर ख़ास ज़ोर दिया गया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक शिकायत सेल बनाने की भी घोषणा की है जहाँ सभी शिकायतों को कंप्यूटर पर दर्ज किया जाएगा. हर शिकायत के लिए एक नंबर होगा जिसका हवाला देकर शिकायतकर्ता ये पता कर सकेगा कि उसके मामले पर क्या प्रगति हुई है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बताया, "न्यूनतम साझा कार्यक्रम में हमनें लोगों की शिकायतें दूर करने पर ज़ोर दिया है." ज़िला स्तर के अधिकारी समय समय पर ज़िलों का दौरा कर लोगों से मिलेंगे और शिकायतें रजिस्टर करेंगे. ये शिकायतें फिर प्रदेश स्तर के अधिकारियों के पास भेज दी जाएँगी. भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा, "सरकार प्रदेश में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाशत नहीं करेगी." उनका कहना था कि प्रशासनिक काम काफ़ी हद तक स्वतंत्र संगठनों को दिया जाएगा और गोपनियता के नाम पर तथ्यों को छिपाया नहीं जाएगा. नीतीश कुमार ने बताया कि शिकायत सेल के शुरू होने को लेकर अभी समयसीमा तय नहीं की गई है लेकिन सरकारी अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं. इससे पहले भी कई सरकारों ने इस तरह का सेल बनाया था लेकिन उसमें काम न के बराबर हुआ था. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||