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ज़रदारी के ख़िलाफ़ लगा आरोप वापस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान की सरकार ने पीपुल्स पार्टी के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो के पति आसिफ़ अली ज़रदारी के ख़िलाफ़ स्विट्ज़रलैंड में चल रहे लाखों डॉलर के धोखाधड़ी के मामले से अपना हाथ खींच लिया है. स्विस बैंक के अधिकारी इस मामले की सुनवाई अब भी कर सकते हैं लेकिन वकीलों का कहना है कि पाकिस्तान सरकार के इस क़दम से ज़रदारी के ख़िलाफ़ आरोप तय होने की गुंजाइश बहुत कम हो गई है. पाकिस्तान में नई सरकार पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सहयोग से बनी है. राजनीति से प्रेरित ज़रदारी ने कहा है कि उनके ख़िलाफ़ लगे भ्रष्टाचार के आरोप राजनीति से प्रेरित थे. पिछले महीने पाकिस्तान की अदालत ने आसिफ़ अली ज़रदारी के ख़िलाफ़ लगे भ्रष्टाचार के सातो मामलों को ख़ारिज़ कर दिया था. उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ और पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो के बीच अक्तूबर 2007 में एक समझौता हुआ था जिसके तहत बेनज़ीर भुट्टो को स्वदेश वापसी की इजाज़त दी गई थी. उसी समझौते में यह भी कहा गया था कि बेनज़ीर भुट्टो के पति आसिफ़ अली ज़रदारी के ख़िलाफ़ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को भी वापिस लिया जाएगा. ज़रादरी के ऊपर पाकिस्तान में भ्रष्टाचार के आरोप एक दशक से भी ज़्यादा समय से लगे हुए थे. हालांकि ज़रदारी 11 साल भ्रष्टाचार और अन्य आरोपों के सिलसिले में जेल में रहे लेकिन उन पर लगा आरोप सिद्ध नहीं हो पाया था. | इससे जुड़ी ख़बरें ज़रदारी भ्रष्टाचार के पाँच आरोपों से बरी05 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस ज़रदारी अब बने 'मिस्टर क्लीन'14 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस बेनज़ीर की राजनीतिक वसीयत सार्वजनिक06 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान में आज प्रधानमंत्री का चुनाव24 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस 'पीएम का फ़ैसला करने की लिमिट नहीं'06 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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