|
ज़रदारी भ्रष्टाचार के पाँच आरोपों से बरी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान की एक अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की नेता बेनज़ीर भुट्टो के पति आसिफ़ अली ज़रदारी को भ्रष्टाचार के पाँच आरोपों से बरी कर दिया है. ज़रदारी के वकील ने कहा है कि अदालत ने ज़रदारी की ऐसी संपत्ति को भी उन्हें लौटाने के लिए कहा है जो पिछले अदालती फ़ैसलों के बाद ज़ब्त कर ली गई थी. ज़रदारी को भ्रष्टाचार के आरोपों से बरी करने का अदालत का यह फ़ैसला राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के अक्तूबर 2007 में बेनज़ीर भुट्टो के साथ हुए उस समझौते की रौशनी में आया है जिसमें राजनीतिक नेताओं के ख़िलाफ़ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को वापस लेने की बात कही गई थी. उस समझौते को विभिन्न अदालतों में चुनौती दी गई थी लेकिन कुछ दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने ऐसी याचिकाओं को ख़ारिज कर दिया था. जिसके बाद सरकार के लिए यह रास्ता खुल गया था कि वह अदालतों से राजनीतिक नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप वापिस लेने की गुज़ारिश कर सकती है. आसिफ़ अली ज़रदारी हालाँकि ख़ुद पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी में एक प्रभावशाली नेता बन चुके हैं लेकिन उन्होंने ख़ुद को प्रधानमंत्री पद के लिए उम्मीदवार नहीं बनाया है. पाकिस्तान में 18 फ़रवरी को हुए चुनाव के बाद गठबंधन सरकार बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं. आसिफ़ अली ज़रदारी के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के जो आरोप लगे हैं उनमें से कुछ तो उस समय के थे जब उनकी पत्नी बेनज़ीर भुट्टो दो बार देश की प्रधानमंत्री थीं. ग़ौरतलब है कि दिसंबर 2007 में रावलपिंडी में हुए एक आत्मघाती हमले में बेनज़ीर भुट्टो की हत्या कर दी गई थी. आसिफ़ अली ज़रदारी भ्रष्टाचार के आरोपों में आठ साल जेल में रह चुके हैं और उन्हें 2004 में ज़मानत पर रिहा किया गया था. 'न्याय हुआ है' बुधवार को भ्रष्टाचार के आरोपों से अदालत से बरी होने के बाद ज़रदारी के वकील फ़ारूक़ नाइक ने कहा, "अल्लाह ने सच को झूठ से अलग किया है और मेरे साथ न्याय हुआ है. बेनज़ीर भुट्टो और आसिफ़ अली ज़रदारी बर्बर क़ानूनों का शिकार बने थे लेकिन आज ये तमाम मामले ख़त्म हो गए, जैसेकि कोई काली रात बीत चुकी हो."
ज़रदारी के ख़िलाफ़ दो मामले अब भी एक अन्य अदालत में लंबित हैं जिन पर 13 मार्च को सुनवाई होने की संभावना है. बुधवार को भ्रष्टाचार के जिन पाँच मामलों में ज़रदारी को बरी किया गया है उसकी सुनवाई रावलपिंडी में हुई. ज़रदारी के वकील फ़ारूक़ नाइक ने बीबीसी से उम्मीद जताई कि 12 मार्च को होने वाली सुनवाई में भी उनके मुवक्किल को बरी कर दिया जाएगा. वकील ने यह भी कहा कि सिंध प्रांत के हाई कोर्ट ने भी सरकार से कहा है कि ज़रदारी के ख़िलाफ़ देश-विदेशों में लगे तमाम आरोपों को 21 मार्च तक ख़ारिज कर दिया जाए. इस आदेश पर अमल करते हुए सरकारी वकीलों ने ज़रदारी के ख़िलाफ़ स्विट्ज़रलैंड में चल रहे मुक़दमे को भी वापिस ले लिया. | इससे जुड़ी ख़बरें 'कश्मीर' बाद में सुलझा लेंगे: ज़रदारी01 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस भुट्टो परिवार की वतन वापसी को चुनौती27 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस पढ़िए पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ का लेख22 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस प्रधानमंत्री नहीं बनेंगे आसिफ़ अली ज़रदारी20 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस इस्तीफ़े का कोई इरादा नहीं: मुशर्रफ़20 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस मुशर्रफ़ का राष्ट्रीय सुलह का आहवान20 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस मुशर्रफ़ विरोधियों ने बाज़ी मारी19 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस पूर्व सरकार के कई धुरंधर धराशायी19 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||