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'ज़रूरी थी टिकैत की गिरफ़्तारी' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पश्चिमी उत्तरप्रदेश के किसान नेता महेंद्र सिंह टिकैत की गिरफ़्तारी के बाद राज्य की मुख्यमंत्री मायावती ने उनकी गिरफ़्तारी को उचित और ज़रूरी बताया है. उन्होंने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि यह क़दम दलित उत्पीड़न क़ानून का पालन करने के लिए उठाया गया है और इसके पीछे कोई व्यक्तिगत विद्वेष नहीं है. मायावती ने कहा, "टिकैत एक 'मामूली आदमी' हैं. चूंकि पूर्ववर्ती सरकारों ने अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम का ठीक से पालन नहीं करवाया था इसलिए टिकैत की इतनी हिम्मत हुई कि वो उत्तरप्रदेश जैसे बड़े राज्य की मुख्यमंत्री के लिए जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करे." ग़ौरतलब है कि महेंद्र सिंह टिकैत ने कथित रूप से एक सार्वजनिक सभा के दौरान उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती के लिए जातिसूचक टिप्पणियों का इस्तेमाल किया था. मज़बूत पकड़ वाले नेता होने के कारण टिकैत की गिरफ़्तारी से पहले मुजफ़्फ़रनगर स्थित महेंद्र सिंह टिकैत के गाँव सिसौली में सैकड़ों की तादाद में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए क्योंकि उनकी गिरफ़्तारी को लेकर गांव में तनाव था और किसान उनकी गिरफ़्तारी का विरोध कर रहे थे. पुलिस पिछले दो दिनों से उनकी गिरफ़्तारी की कोशिश कर रही थी, पुलिस को सोमवार को पीछे हटना पड़ा था कि क्योंकि पथराव और पुलिस फायरिंग में कई लोग घायल हो गए थे. इसके बाद पुलिस ने टिकैत, उनके चार बेटों और 14 अन्य लोगों के ख़िलाफ़ जातिवादी टिप्पणी के लिए आपराधिक मामला दर्ज किया. बुधवार को टिकैत को हिरासत में ले लिया गया. मुलायम का पलटवार मायावती के इस ताज़ा बयान के ठीक बाद राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने मायावती पर पलटवार करते हुए महेंद्र सिंह टिकैत और उनके गांववालों की 'बहादुरी' की प्रशंसा की है. मुलायम सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने बिचौलियों के माध्यम से अपनी इज़्ज़त बचाने के लिए टिकैत को आत्मसमर्पण के लिए राजी किया. मुलायम सिंह ने कहा, "राज्य की मौजूदा सरकार एक कलंकित सरकार है जो अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएगी." उन्होंने कहा कि मायावती ख़ुद भी पिछले वर्षों में अनेक लोगों के बारे में ग़लत भाषा का प्रयोग करती रही हैं. उन्हें चाहिए कि पहले वो अपनी भाषा पर नियंत्रण रखें. कांग्रेस पर निशाना
टिकैत की गिरफ़्तारी पर बोलते हुए जहाँ मायावती ने उनकी हिरासत पर अपना पक्ष रखा वहीं कांग्रेस पर भी सीधा निशाना साधा. कांग्रेस पर तीखे प्रहार करते हुए उन्होंने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल और बूटा सिंह से नैतिकता के आधार पर इस्तीफ़े तक की मांग कर दी. मायावती ने कहा कि श्रीप्रकाश जायसवाल ने महेंद्र सिंह टिकैत की तरफ़दारी की जबकि उनपर टिप्पणी के मामले में बूटा सिंह कुछ कहने की हिम्मत भी नहीं जुटा पाए. मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि कांग्रेस दलित विरोधी मानसिकता की शिकार है. उन्होंने कहा कि राज्य के कुछ राजनीतिक दल अपने निजी राजनीतिक लाभ के लिए अनुसूचित जाति और जनजाति अधिनियम की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं और टिकैत का समर्थन कर रहे हैं. मायावती ने ज़ोर देकर कहा कि राज्य में उनकी सरकार तय करेगी कि दलित उत्पीड़न क़ानून का कड़ाई से पालन हो. |
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