|
पुलिस और टिकैत समर्थकों में संघर्ष | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती के ख़िलाफ़ कथित जाति सूचक टिप्पणी के आरोप में भारतीय किसान यूनियन के प्रमुख चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की गिरफ़्तारी को लेकर हुए संघर्ष में छह लोग घायल हुए हैं. इनमें दो पुलिसकर्मी भी शामिल हैं. समाचार एजेंसी पीटीआई ने पुलिस के हवाले से कहा कि गिरफ़्तारी का विरोध कर रहे भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं की उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा जिसमें दो लोग घायल हुए हैं. इसके अलावा पथराव के कारण चार और लोग घायल हो गए हैं जिनमें दो पुलिसवाले भी शामिल हैं. पुलिस जहाँ महेंद्र सिंह टिकैत को गिरफ़्तार करना चाहती है, वहीं किसान इसका विरोध कर रहे हैं. टिकैत के गाँव मुज़फ्फरनगर ज़िले के सिसोली गाँव में उनकी गिरफ़्तारी को लेकर पुलिस ने घेराबंदी की हुई है. दरअसल, टिकैत पर आरोप है कि उन्होंने मुख्यमंत्री मायावती के ख़िलाफ़ बिजनौर की 'किसान स्वाभिमान सभा' में कथित जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया था. उस वक्त तो प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की लेकिन बाद में उसे इस मामले की गंभीरता का अहसास हुआ और उसने उनके ख़िलाफ़ अनुसूचित जाति और जनजाति अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर दिया. ये मामला राजनीतिक रंग भी पकड़ता जा रहा है. समाजवादी पार्टी टिकैत का समर्थन के समर्थन में आगे आ गई है. |
इससे जुड़ी ख़बरें किसान रैली से चुनाव प्रचार की शुरुआत08 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस संसद में किसानों के मुद्दे पर हंगामा26 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस 'आश्वस्त नहीं कि आत्महत्याएँ रुकेंगी'01 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस धान की जीन संशोधित क़िस्म पर चेतावनी06 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस भू-अधिग्रहण पर किसानों की लामबंदी22 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस 'बैंकों में किसानों के प्रति उत्सुकता कम'22 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस रुक नहीं रहीं किसानों की आत्महत्याएँ21 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||