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'तीसरा राजनीतिक विकल्प तैयार हो' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) की बीसवीं राष्ट्रीय कांग्रेस की बैठक हैदराबाद में रविवार को शुरु हुई. बैठक के पहले दिन देश में तीसरे राजनीतिक विकल्प बनाने का आह्वान किया गया. पार्टी के महासचिव एबी बर्धन ने कहा, "हमारी पार्टी सोचती है कि समय आ गया है कि कांग्रेस और भाजपा का विकल्प तैयार किया जाए." पार्टी की सर्वोच्च नीति निर्धारक समिति की चार दिन चलने वाली इस बैठक में यूपीए सरकार की नीतियों सहित कई महत्वपूर्व राजनीतिक मसलों पर चर्चा की संभावना है. यूपीए सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे सीपीआई की यह बैठक ऐसे समय में हो रही है परमाणु नीति और आर्थिक नीतियों को लेकर सरकार से कम्युनिस्ट पार्टियों के रिश्ते पिछले चार सालों में सबसे ज़्यादा तनावपूर्ण हैं. इस बैठक में देश भर के कार्यकर्ताओं के अलावा 25 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेने पहुँचे हैं. बैठक 27 मार्च को आमसभा के साथ ख़त्म होगी. 1982 के बाद हैदराबाद में पहली बार हो रही सीपीआई कांग्रेस में किसानों की कर्ज़माफ़ी, महंगाई, भारत-अमरीका परमाणु समझौते से लेकर तेलंगाना राज्य के विषय पर विस्तृत चर्चा की जाएगी. अहम चर्चाएँ इस बैठक में एक राजनीतिक प्रस्ताव पर चर्चा होगी और फिर इसे पारित किया जाएगा. इसकी प्रति पहले ही प्रतिनिधियों को बाँट दी गई है. पार्टी के महासचिव एबी बर्धन ने बताया कि इस प्रस्ताव पर 400 संशोधन प्राप्त हुए हैं जिसमें से 60 तो तेलंगाना राज्य को लेकर ही है. अमरीका के साथ परमाणु समझौते को लेकर पार्टी के विरोध को लेकर उन्होंने कहा, "123 समझौता हमारे देश की संप्रभुता का अपमान है." उन्होंने कहा कि पार्टी को परमाणु ईंधन के उपयोग और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के साथ समझौते को लेकर कोई दिक़्क़त नहीं है. एबी बर्धन ने कहा, "हमें भारत-अमरीका परमाणु समझौते पर ऐतराज़ है." सीपीआई के केंद्रीय सचिव एस सुधारक रेड्डी ने कहा, "एनडीए सरकार ने विदेश नीति में अमरीका की तरफ़ झुकना शुरु किया था और यूपीए सरकार उसी को आगे बढ़ा रही है." इस सम्मेलन के शुरुआती सत्र को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव प्रकाश करात के अलावा आरएसपी और फॉर्वर्ड ब्लॉक के नेताओं ने भी संबोधित किया है. |
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