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नंदीग्राम पर अमरीका से ख़फ़ा वामदल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
वामपंथी पार्टियों ने अमरीकी विदेश मंत्रालय की उस रिपोर्ट पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है, जिसमें नंदीग्राम में मानवाधिकार हनन की बात कही गई है. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने इसे भारत के अंदरुनी मामले में दख़ल बताया है और कहा है कि अमरीका पहले इराक़ और ग़ज़ा पट्टी में हो रहे मानवाधिकार हनन पर अपना पक्ष स्पष्ट करे. अमरीका की रिपोर्ट ऐसे समय आई जब ठीक एक साल पहले नंदीग्राम में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने गोलियाँ चलाई थी. जिसमें 14 लोग मारे गए थे. प्रदर्शनकारी भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे थे. लोकसभा में भी इस मामले की गूँज रही. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के गुरुदास दासगुप्त ने लोकसभा में शून्य काल के दौरान यह मामला उठाया. आलोचना उन्होंने इसे भारत के अंदरुनी मामले में दख़ल बताया. केंद्रीय मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी ने कहा कि पूरे सदन को इसकी आलोचना करनी चाहिए. प्रियरंजन दासमुंशी ने कहा कि रिपोर्ट में इराक़ में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघन का जिक्र नहीं है. सूचना और प्रसारण मंत्री दासमुंशी ने कहा, "नंदीग्राम हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघन की बात सर्वमान्य तथ्य है. लेकिन अमरीका ने इराक़ में मानवाधिकार उल्लंघन पर कुछ नहीं कहा है." उन्होंने कहा कि नंदीग्राम और गुजरात दोनों जगह नृशंस हत्याएँ हुई और मानवाधिकार का उल्लंघन हुआ था. लेकिन पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी वामपंथी पार्टी माकपा ने रिपोर्ट पर कड़ी आपत्ति जताई है. पार्टी की पोलित ब्यूरो ने जारी एक बयान में कहा है कि अमरीकी विदेश मंत्रालय की रिपोर्ट में तथ्यों की अनदेखी की गई है और ये रिपोर्ट ग़ैर ज़रूरी है. अपील पार्टी ने समान विचारधारा वाले सभी लोगों से अपील की है कि वो अमरीका की इस दख़लदांजी का विरोध करें.
एक संवाददाता सम्मेलन में माकपा नेता मोहम्मद सलीम ने कहा, "मैं नहीं मानता कि अमरीका मानवाधिक का रक्षक है. कुछ लोग यहाँ भी ऐसा सोचते हैं लेकिन हमें इस बारे में कोई ग़लतफ़हमी नहीं है." उन्होंने कहा कि अमरीका पहले चीन को सबसे बड़ा मानवाधिकार उल्लंघन वाला देश मानता था लेकिन अब उसने इस मामले में चीन का दर्जा घटा दिया है क्योंकि अमरीका-चीन का व्यापार समझौता बढ़ रहा है. मोहम्मद सलीम ने पूछा- अमरीका कौन है इस मामले में हमें प्रमाणपत्र देने वाला. तृणमूल कांग्रेस के उन आरोपों पर कि पिछले साल नंदीग्राम में सैकड़ों लोग मारे गए थे, उन्होंने कहा कि ये ग़लत सूचना है और उन्होंने अभी इसे साबित नहीं किया है. उन्होंने कहा कि नंदीग्राम में स्थिति सुधर गई है और वहाँ विकास कार्य चल रहे हैं. मोहम्मद सलीम ने अपील की कि नंदीग्राम की जनता को राजनीति का मोहरा नहीं बनना चाहिए. | इससे जुड़ी ख़बरें 'नंदीग्राम में जबरन भूमि अधिग्रहण नहीं'26 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'गोलीबारी की जाँच दो महीने में पूरी हो'17 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस नंदीग्राम पर सीपीएम काडर की कशमकश14 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस नंदीग्राम कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट की रोक13 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस नंदीग्राम में पाँच अधजले शव बरामद06 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'जो कहा, नहीं कहना चाहिए था'04 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस गोपाल गांधी ने नंदीग्राम का दौरा किया02 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस पक्षपात के आरोपों से सीआरपीएफ नाराज़28 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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