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उड़ीसा में नकसलियों से मुठभेड़ फिर शुरू | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उड़ीसा के कंधमाल के जंगलों में नक्सलियों और सुरक्षाबलों के बीच सोमवार सुबह एक बार फिर फ़ायरिंग शुरू हो गई. इस मुठभेड़ में अब तक 20 नक्सली और सुरक्षा बलों के तीन जवान मारे गए हैं. अंधेरे की वजह से रविवार की रात को सुरक्षा बलों ने फ़ायरिंग रोक दी थी. शनिवार दोपहर से ही सुरक्षा बलों ने कंधमाल के जंगलों में नक्सलियों को घेरा हुआ है. गृह सचिव तरूण कांति मिश्र ने बीबीसी को बताया, "ये आर-पार की लड़ाई है. अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक आखिरी नक्सली या तो मारा नहीं जाता या फिर उसे पकड़ नहीं लिया जाता." भुवनेश्वर से भेजे गए सुरक्षा बल के दस्ते और हैदराबाद से आई 'ग्रे हाउंड फोर्स' की टुकड़ी ने यहां मोर्चा संभाला हुआ है. सुरक्षा बलों ने उन पहाड़ियों को चारों तरफ़ से घेर लिया है जिन पर नक्सली छिपे हुए हैं. पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़, झारखंड और आंध्र प्रदेश से लगी उड़ीसा की सीमाओं को पहले ही सील किया जा चुका है.
नक्सलियों की तलाश के लिए दो हेलिकॉप्टरों की भी मदद ली जा रही है. शुक्रवार देर रात नयागढ़ ज़िले के मुख्य पुलिस प्रतिष्ठानों पर नक्सलियों ने हमला किया था. इस हमले में 15 लोग मारे गए थे. हमले के बाद नक्सली यहां से भारी मात्रा में गोला-बारूद और हथियार लूट कर ले गए कंधमाल के जंगलों की ओर चले गए थे. |
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