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गुरुवार, 07 फ़रवरी, 2008 को 16:22 GMT तक के समाचार
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किडनी कांड का प्रमुख अभियुक्त गिरफ़्तार
गुर्दा चोरी के शिकार
डॉक्टर अमित ने पिछले कुछ वर्षों में लगभग पाँच सौ लोगों के गुर्दे निकाल लिए
भारत में किडनी कांड के प्रमुख अभियुक्त डॉक्टर अमित कुमार को नेपाल में गिरफ़्तार कर लिया गया है. नेपाल के गृह राज्य मंत्री राम कुमार चौधरी ने इसकी पुष्टि की है.

नेपाल पुलिस की एक विशेष टीम ने डॉक्टर अमित कुमार को दक्षिणी नेपाल के सौराहा शहर से गिरफ़्तार किया है. गृह राज्य मंत्री के मुताबिक़ अब अमित कुमार को काठमांडू लाया जा रहा है.

जिस इलाक़े से डॉक्टर अमित कुमार को गिरफ़्तार किया गया है, वो इलाक़ा भारतीय सीमा से सटा हुआ है, जो बिहार के रक्सौल शहर से 60 किलोमीटर दूर है.

राम कुमार चौधरी ने बताया है कि डॉक्ट अमित के पास से एक लाख 45 हजार डॉलर और 936 यूरो का ड्राफ्ट बरामद हुआ है.

जनवरी के आख़िरी सप्ताह में दिल्ली से सटे गुड़गाँव स्थित एक घर पर पुलिस ने छापा मारा था जहाँ से ग़ैर-क़ानूनी तरीके से गुर्दा प्रतिरोपण का धंधा चल रहा था.

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक़ सैकड़ों ग़रीब मज़दूरों को बहला-फुसला कर गुर्दा बेचने के लिए राज़ी किया जाता था. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस मामले में कई लोगों को गिरफ़्तार किया था.

लेकिन इस कांड के प्रमुख अभियुक्त डॉक्टर अमित कुमार फरार हो गए थे. बाद में हरियाणा सरकार ने इस मामले की जाँच सीबीआई से कराने की सिफ़ारिश की थी और डॉक्टर अमित की गिरफ़्तारी के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलर्ट जारी किया गया था.

प्रतिबंध

मानव अंगों की ख़रीद-फ़रोख़्त पर भारत में क़ानूनी प्रतिबंध है लेकिन फिर भी कई ग़रीब लोग प्रतिरोपण के लिए तैयार ग्राहकों को गुर्दा बेचते रहे हैं. इनमें कई विदेशी ग्राहक भी शामिल हैं.

वहाँ पुलिस ने जब छापा मारा तो पाया कि वहाँ पर ऑपरेशन थिएटर भी बनाया गया था और ऑपरेशन की हर सुविधा मौजूद थी.

आवासीय इलाक़े में बनाए गए उस क्लिनिक में रैकेट चला रहे इन डॉक्टरो ने ग़ाज़ियाबाद, मुरादाबाद और गुड़गांव में अपने कुछ एजेंटों को तैनात किया था और वो लोगो को गुर्दा निकलवाने के लिए तैयार करते थे.

जो लोग अपनी गुर्दा निकलवाने के लिए तैयार हो जाते थे उनमें से अधिकतर ग़रीब तबके के मज़दूर होते थे.

इन मज़दूरों को गुर्दा निकलवाने के लिए 50 हज़ार से लेकर एक लाख रूपए तक दिए जाते थे लेकिन जिन लोगों को किडनी प्रत्यर्पित की जाती थी उनसे 10 लाख से 18 लाख रुपए तक वसूले जाते थे.

पुलिस जाँच में यह भी पता चला कि हरियाणा को केंद्र बनाकर किए जा रहे इस अपराध की जड़ें भारत के कई राज्यों और दुनिया के कई देशों में फैली हुई हैं.

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