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'किडनी चोरी' के मामले में अलर्ट जारी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मानव अंगों के कारोबार के मामले में कथित रूप से शामिल एक डॉक्टर के ख़िलाफ़ भारतीय पुलिस ने अलर्ट ज़ारी किया है. गुड़गाँव के पुलिस कमिश्नर मोहिंदर लाल ने बीबीसी को बताया कि संदिग्ध डॉक्टर को देश छोड़ कर भागने से रोकने के लिए हवाई अड्डों पर अलर्ट ज़ारी कर दिया गया है. पिछले हफ़्ते दिल्ली से सटे गुड़गाँव स्थित उस घर पर पुलिस ने छापा मारा था जहाँ से ग़ैर-क़ानूनी तरीके से गुर्दा प्रतिरोपण का धंधा चल रहा था. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक़ सैकड़ों ग़रीब मज़दूरों को बहला-फुसला कर गुर्दा बेचने के लिए राज़ी किया जाता था. मानव अंगों की ख़रीद-फ़रोख़्त पर भारत में क़ानूनी प्रतिबंध है लेकिन फिर भी कई ग़रीब लोग प्रतिरोपण के लिए तैयार ग्राहकों को गुर्दा बेचते रहे हैं. इनमें कई विदेशी ग्राहक भी शामिल हैं. हाल के वर्षों में गुड़गाँव में कॉल सेंटर और कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों के कार्यालय खुले हैं और वहाँ पर एक नव-धनाढ्य वर्ग तेज़ी से उभरा है. धोखाधड़ी पुलिस का कहना है कि गुड़गाँव के इस गुमनाम से मकान में उत्तरी भारत के कई मज़दूरों को धोखाधड़ी से गुर्दा बेचने को राज़ी किया जाता था. तथाकथित रूप से मज़दूरों को इसके लिए क़रीब एक लाख रूपए तक दिए जाते थे. माना जा रहा है कि गुर्दा के ख़रीदार धनी भारतीय और कुछ विदेशी नागरिक होते हैं जिन्हें गुर्दा प्रतिरोपण की शीघ्र ज़रूरत होती है. वे इसके लिए मोटी रक़म भी देने को तैयार रहते हैं. एक पीड़ित व्यक्ति से मिली सूचना के बाद पुलिस ने पिछले हफ़्ते गुडगाँव स्थित उस अवैध क्लिनिक पर छापा मारा था. पुलिस ने इस मामले में शामिल चार लोगों को गिरफ़्तार किया है लेकिन तथाकथित रूप से जो डॉक्टर मुख्य रूप से इस धंधे के पीछे है वह फ़रार है. उन्होंने कहा कि पुलिस संदिग्ध डॉक्टर के गिरफ़्तारी के लिए इंटरपोल से एक वारंट ज़ारी करवाने के बारे में भी सोच रही है. | इससे जुड़ी ख़बरें गुर्दा चोरी रैकेट में चार गिरफ़्तार26 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस किडनी कांड में तीन लोगों को सज़ा 28 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस बेहाल मछुआरे गुर्दा बेचने पर मजबूर16 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस गुज़ारे के लिए गुर्दे बेच रहे सूनामी पीड़ित09 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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