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किडनी चोरी: सीबीआई जाँच की सिफ़ारिश | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हरियाणा की कांग्रेस सरकार ने केंद्र सरकार से किडनी चोरी मामले की जाँच केंद्रीय जाँच एजेंसी सीबीआई से करवाने की सिफ़ारिश की है. मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा के मुख्य सचिव मुरारीलाल तायल ने बीबीसी को बताया कि शुक्रवार को सरकार ने अपनी सिफ़ारिश केंद्र सरकार को भेज दी है. उल्लेखनीय है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री अंबुमणि रामदॉस ने पिछले दिनों कहा था कि इस मामले की जाँच सीबीआई से करवाना चाहती है. अब तक की गई पुलिस जाँच में पता चला है कि हरियाणा को केंद्र बनाकर किए जा रहे इस अपराध की जड़ें भारत के कई राज्यों और दुनिया के कई देशों में फैली हुई हैं. हरियाणा सरकार की सिफ़ारिश पर अब केंद्र सरकार विचार करेगी और सीबीआई जाँच की घोषणा कर सकती है. केंद्रीय जाँच एजेंसी (सीबीआई) केंद्र सरकार के अधीन काम काम करती है. मुख्य अभियुक्त फ़रार समाचार एजेंसी पीटीआई ने हरियाणा के गृहसचिव केएस भोरिया के हवाले से कहा है कि राज्य के पुलिस महानिदेशक आरएस दलाल की रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई जाँच की सिफ़ारिश की जा रही है. राज्य सरकार ने कहा है कि उनका मानना है कि चूंकि यह मामला कई राज्यों से जुड़ा हुआ है और इसके तार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी जुड़े हुए दिखते हैं इसलिए इसकी जाँच सीबीआई से करवाना ठीक होगा. गृहसचिव ने स्पष्ट किया है कि जब तक सीबीआई जाँच के आदेश नहीं हो जाते हरियाणा पुलिस इस मामले की जाँच जारी रखेगी. इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ़्तार किया गया है लेकिन मामले का मुख्य अभियुक्त डॉ अमित कुमार अभी भी गिरफ़्त से बाहर है. पुलिस ने डॉक्टर के ख़िलाफ़ अलर्ट जारी किया है. गुड़गाँव के पुलिस कमिश्नर मोहिंदर लाल ने बीबीसी को बताया था कि संदिग्ध डॉक्टर को देश छोड़ कर भागने से रोकने के लिए हवाई अड्डों पर अलर्ट जारी कर दिया गया है.
पिछले हफ़्ते दिल्ली से सटे गुड़गाँव स्थित उस घर पर पुलिस ने छापा मारा था जहाँ से ग़ैर-क़ानूनी तरीके से गुर्दा प्रतिरोपण का धंधा चल रहा था. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक़ सैकड़ों ग़रीब मज़दूरों को बहला-फुसला कर गुर्दा बेचने के लिए राज़ी किया जाता था. धोखाधड़ी पुलिस का कहना है कि गुड़गाँव के इस गुमनाम से मकान में उत्तरी भारत के कई मज़दूरों को धोखाधड़ी से गुर्दा बेचने को राज़ी किया जाता था. तथाकथित रूप से मज़दूरों को इसके लिए क़रीब एक लाख रूपए तक दिए जाते थे. एक पीड़ित व्यक्ति से मिली सूचना के बाद पुलिस ने पिछले हफ़्ते गुडगाँव स्थित उस अवैध क्लिनिक पर छापा मारा था. माना जा रहा है कि गुर्दा के ख़रीदार धनी भारतीय और कुछ विदेशी नागरिक होते हैं जिन्हें गुर्दा प्रतिरोपण की शीघ्र ज़रूरत होती है. वे इसके लिए मोटी रक़म भी देने को तैयार रहते हैं. वैसे इस संगठित अपराध का भांडा मुरादाबाद से फूटा था. मुरादाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रेमप्रकाश ने आरंभिक जाँच के बाद कहा है कि यह अपराध कई भारतीय राज्यों सहित 48 देशों में फैला हुआ है. समाचार एजेंसी यूएनआई के अनुसार उन्होंने अमरीका, रूस, कनाडा और ग्रीस का नाम भी लिया. मानव अंगों की ख़रीद-फ़रोख़्त पर भारत में क़ानूनी प्रतिबंध है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'किडनी चोरी' के मामले में अलर्ट जारी28 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस गुर्दा चोरी रैकेट में चार गिरफ़्तार26 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस किडनी कांड में तीन लोगों को सज़ा 28 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस बेहाल मछुआरे गुर्दा बेचने पर मजबूर16 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस गुज़ारे के लिए गुर्दे बेच रहे सूनामी पीड़ित09 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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