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अरुणाचल को मनमोहन की कई सौगातें | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चीन यात्रा के दो हफ़्ते बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश के दो दिनों के दौरे पर हैं और उन्होंने अरुणाचल को भारत की 'उगते सूरज की धरती' कहा है. इटानगर में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, "सूरज की किरणें भारत में सबसे पहले अरुणाचल को चूमती है, यह हमारी उगते सूरज की धरती है." प्रधानमंत्री ने अरुणाचल प्रदेश के लिए कई परियोजनाएँ भी शुरु की हैं. पिछले एक दशक से भी अधिक समय बाद कोई प्रधानमंत्री राज्य का दौरा कर रहे हैं. मनमोहन सिंह के इस दौरे को महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पड़ोसी देश चीन के साथ इसी राज्य की सीमाओं को लेकर विवाद चल रहा है और वह इस राज्य को पूरी तरह से भारत का अंग नहीं मानता. इस प्रदेश पर चीन अपना हक़ जताता रहा है. 1962 में चीन के साथ हुए युद्ध के बाद से इस सीमा को लेकर विवाद चल रहा है. भारतीय अधिकारी हाल के दिनों में इस सीमा विवाद को लेकर चीन के बयानों से चिंतित हैं. कई परियोजनाएँ रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "मैं उम्मीद करता हूँ कि अरुणाचल प्रदेश पूर्व से एक सितारे की तरह उगेगा और देश के सबसे अच्छे इलाक़ों में से एक बनेगा." मनमोहन सिंह ने कई परियोजनाएँ शुरु की हैं जिनमें पारे और दिबांग में दो बिजली परियोजनाएँ और हर घर को बिजली देने की योजना शामिल है. अरुणाचल को जल संसाधनों से भरपूर राज्य बताते हुए उन्होंने कहा कि यहाँ पनबिजली परियोजनाओं की अच्छी संभावनाएँ हैं. उन्होंने कहा कि दिबांग पनबिजली परियोजना से ही राज्य को 300 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष की आय हो सकती है. प्रधानमंत्री ने कहा, "यदि इसी तरह की परियोजनाएँ पूरे राज्य में स्थापित की जा सकें तो राज्य को हर वर्ष तीन से चार हज़ार करोड़ रुपयों का राजस्व मिल सकता है." उन्होंने घोषणा की है कि पासी घाट, अलॉन्ग, देपोरिजो, ज़िरो, और तिज़ू के अलावा इटानगर में एक ग्रीनफ़ील्ड एयरपोर्ट बनेगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि गुवाहाटी और तवांग के बीच सीधी हैलिकॉप्टर सेवा भी जल्दी ही शुरु हो जाएगी. केंद्र सरकार ने इस हेलिकॉप्टर सेवा को मंज़ूरी देते हुए कहा कि इसका 75 प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी. इसके अलावा उन्होंने इटानगर और हारमुति के बीच रेल संपर्क, राज्य भर के लिए नई सड़क परियोजना, पीने के पानी की नई योजना और नए सचिवालय भवन के निर्माण की भी घोषणा की है. प्रधानमंत्री सिंह ने कहा कि कई इलाक़ों में सेना भी ढाँचागत सुविधाओं का विस्तार करेगी. 1986 में योजना आयोग के उपाध्यक्ष के रुप में अरुणाचल आने के बाद यह मनमोहन सिंह का पहला दौरा है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'चरमपंथ के ख़िलाफ़ साझा प्रयास हो'16 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस 'व्यापार के लिए बेहतर माहौल बनेगा'14 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस 'चीन के साथ संबंधों का नया दौर'13 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस 'मतभेदों का असर संबंधों पर न पड़े'11 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस सीमा विवाद पर चर्चा 'सकारात्मक'27 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस विद्रोही संगठनों पर पाबंदी की मियाद बढ़ी10 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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