|
श्रीलंका में संघर्ष, कई लोगों की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका में सेना का कहना है कि देश के उत्तरी इलाक़ो में सप्तहांत के दौरान तमिल विद्रोहियों के साथ हुए संघर्ष में कम से कम 55 लोग मारे गए हैं. अधिकारियों के मुताबिक मरने वालों में कम से कम 13 तमिल विद्रोही और दो सैनिक शामिल हैं. श्रीलंका सरकार और एलटीटीई के बीच वर्ष 2002 से चल रहा युद्धविराम सरकार ने औपचारिक रूप से 16 जनवरी को समाप्त कर दिया था. रिपोर्ट के मुताबिक़ ताज़ा संघर्ष देश के उत्तरी ज़िलों वावुनिया और पोलोनारूवा तथा उत्तर-पश्चिमी मन्नार ज़िले में हुआ है. विद्रोहियों के समर्थक 'तमिलनेट' का कहना है कि रविवार को मन्नार में हुए संघर्ष में कम से कम 15 सैनिक मारे गए और 30 घायल हैं. श्रीलंकाई सैनिकों ने विद्रोहियों के इस दावे का खंडन किया है और कहा है कि रविवार को मन्नार में कोई भी सैनिक न तो मारा गया और न ही घायल हुया है. संघर्ष में हताहत हुए लोगों के बारे में किसी स्वतंत्र स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है. श्रीलंका सरकार और विद्रोहियों के बीच संघर्ष में बढ़ोतरी हुई है. हाल ही में श्रीलंका सरकार ने कहा था कि उसके वायु सैनिकों ने तमिल विद्रोहियों के उस ठिकाने पर बमबारी की थी जिसका इस्तेमाल एलटीटीई नेता प्रभाकरण करते हैं. जबकि विद्रोहियों का कहना था कि सरकार ने वायु हमले में नागरिकों को निशाना बनाया है. पिछले हफ़्ते सरकार के नियंत्रण वाले अनुराधापुरा ज़िले के एक सदूर जंगल में 16 लोगों के शव पाए गए थे. सैन्य प्रवक्ता ने इसके लिए तमिल विद्रोहियों को दोषी ठहराया था. | इससे जुड़ी ख़बरें श्रीलंका मे स्थितियाँ क़ाबू से बाहर18 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस एलटीटीई के हमले पर भारत की चिंता01 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस 'एलटीटीई के ख़ुफ़िया प्रमुख की मौत'06 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस तमिल विद्रोहियों ने प्रस्ताव सौंपा31 अक्तूबर, 2003 | भारत और पड़ोस कोलंबो से निकाले जा रहे हैं तमिल07 जून, 2007 | भारत और पड़ोस क्या है श्रीलंका का तमिल संकट02 मई, 2004 | भारत और पड़ोस 'हवाई हमले में घायल हुए प्रभाकरण'20 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||