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अफ़ग़ानिस्तान ने नए दूत का विरोध किया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान ने स्पष्ट किया है कि वो ब्रितानी राजनयिक लॉर्ड पैडी एशडाउन को काबुल में संयुक्त राष्ट्र का दूत नियुक्त करने के पक्ष में नहीं है. लॉर्ड एशडाउन यूरोपीय संघ के दूत के रुप में वर्ष 2002 से 2005 के बीच बोस्निया में रह चुके हैं. संयुक्त राष्ट्र में अफ़ग़ानिस्तान के राजदूत ज़हीर तनीन ने बीबीसी को बताया कि भले ही एशडाउन को बड़े सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है लेकिन उनका देश उनका समर्थन नहीं करता है. तनीन ने कहा कि वो उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नैटो) के जनरल जॉन मैक्कॉल को यह ज़िम्मेदारी देने के पक्ष में हैं. जॉन मैक्कॉल फिलहाल यूरोप में नैटो के उप कमांडर हैं. तनीन ने कहा कि उन्हें ये जानकर आश्चर्य हुआ कि ब्रिटिश मीडिया इस तरह की ख़बरें दे रही हैं कि एशडाउन को अफ़ग़ानिस्तान में दूत बनाकर भेजने का फ़ैसला लिया गया है. लॉर्ड एशडाउन ने पूरे प्रकरण पर कोई टिप्पणी नहीं की है. ज़हीर तनीन का कहना था, "ये सोचने की ज़रूरत है कि कौन ज़्यादा मददगार साबित होगा और कौन अफ़ग़ान सरकार के साथ बढ़िया तरीके से कामकाज कर सकता है." पिछले दिनों अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने हिंसाग्रस्त हेलमंद प्रांत में तैनात बिटिश सेना की भूमिका की आलोचना की थी. | इससे जुड़ी ख़बरें अफ़ग़ान पत्रकार को मौत की सज़ा23 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान में लड़ाई, अनेक हताहत22 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस तालेबान का जाने माने होटल पर हमला 14 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस 'रिश्वत' देकर छूट गया तालेबान कमांडर08 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस पूर्व तालेबान कमांडर अब गवर्नर07 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान में 16 पुलिसकर्मी मारे गए01 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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