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पूर्व तालेबान कमांडर अब गवर्नर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान के हेलमंद प्रांत के मूसा क़ला शहर में एक ऐसे व्यक्ति को गवर्नर नियुक्ति किया गया है जो पहले कभी तालेबान कमांडर हुआ करता था. मूसा क़ला वही शहर है जिस पर दिसंबर में अमरीकी, ब्रिटिश और अफ़ग़ान फ़ौजों ने दोबारा कब्जा किया था. इस शहर पर नौ महीनों से तालेबानों ने कब्जा कर रखा था. इस शहर के बाहर घमासान होता रहा और फिर हवाई हमले किए गए. जब अफ़ग़ान नेशनल आर्मी के जवान भीतर घुसे तो तालेबान ने शहर को छोड़ दिया. और इस लड़ाई का सबसे दिलचस्प पहलू यह था कि तालेबानी सेना के महत्वपूर्ण कमांडर मुल्ला अब्दुल सलाम को दलबदल करने के लिए राज़ी कर लिया गया. अब मुल्ला अब्दुल सलाम मूसा क़ला में सरकार के विश्वस्त सिपहसलार हैं और उन्हें ज़िले का गवर्नर बना दिया गया है. अब वे बात भी कुछ इसी अंदाज़ में कर रहे हैं. उन्होंने कहा, "यह एक अच्छा अवसर है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय आपकी सहायता के लिए आ गया है...इससे आपके बच्चों का भला होगा, इससे आपको धन भी मिल रहा है. अब यह आप पर है कि आप क़ानून को लागू करें...अल्लाह के क़ानून को...." भ्रम एक पूर्व तालेबान कमांडर के मुँह से ये शब्द कुछ भारी प्रतीत होते हैं. इसलिए देखना यह होगा कि जो कुछ वे कह रहे हैं उसे कार्यान्वित किस तरह करते हैं.
सबसे बड़ी चुनौती यह है कि सरकार से नाराज़ लोगों का दिल किस तरह जीता जाए. मूसा क़ला में लाखों डॉलर की सहायता भेजी जा रही है लेकिन बीबीसी संवाददाता अलेस्टेयर लीथहेड का कहना है कि लोगों का विश्वास जीतना फ़ौजों के लिए आसान नहीं होगा. अभी हाल ही में, क्रिसमस के समय संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ के दो अधिकारियों को इसलिए निकाल बाहर कर दिया गया क्योंकि वे तालेबान के साथ मिल रहे थे और सौदेबाज़ी कर रहे थे. ब्रिटिश प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन का कहना है कि वे तालेबान के साथ बात नहीं करते. लेकिन मूसा क़ला के उदाहरण के बाद यह भ्रम बड़ा हो गया है कि आख़िर अंतरराष्ट्रीय समुदाय और अफ़ग़ानिस्तान सरकार विद्रोह से निपटने के लिए किस तरह के क़दम उठा रही है. और यह भी क्या ये क़दम सोच-समझकर सामंजस्य के साथ उठाए जा रहे हैं? | इससे जुड़ी ख़बरें मूसा क़ला में लोगों का लौटना शुरु16 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस मूसा क़ला तालेबान के क़ब्ज़े से मुक्त10 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान के साथ संघर्ष10 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस तालेबान के ख़िलाफ़ बड़ा सैन्य अभियान07 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में बड़ा संघर्ष04 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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