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मूसा क़ला तालेबान के क़ब्ज़े से मुक्त | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चार दिनों की बमबारी और भीषण लड़ाई के बाद नैटो और अफ़ग़ान सैनिकों ने दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान के मूसा क़ला शहर को तालेबान से मुक्त करा लिया है. अफ़ग़ान और नैटो की अगुआई में अंतरराष्ट्रीय सेना मूसा क़ला में प्रवेश कर गई है. सोमवार रात को अफ़ग़ान सेना के कमांडर ने बताया कि उनके जवान शहर के बीचोबीच पहुंचने वाले हैं. दूसरी ओर तालेबान लड़ाकों का कहना है कि वो जानबूझ कर पीछे हट गए हैं ताकि शहर में और लोगों की जानें न जाए. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि तालेबान आगे भी इस शहर पर फिर नियंत्रण कायम करने की कोशिश कर सकते हैं. शहर पर क़ब्ज़े की कार्रवाई शुक्रवार को शुरू हुई थी जिसमें अफ़ग़ान, ब्रिटिश और अमरीकी सेनाओं ने हिस्सा लिया. ब्रितानी सेनाओं ने 2006 में भारी संघर्ष के बाद मूसा क़ला पर कब्ज़ा कर लिया था. लेकिन क़बायली नेताओं के हस्तक्षेप के बाद तालेबान लड़ाकों को रास्ता देने संबंधी एक विवादास्पद समझौते के बाद सेनाएँ पीछे हट गईं थीं. इस साल फ़रवरी में तालेबान लड़ाके फिर वहाँ आ गए और उन्होंने वहाँ मोर्चा जमा लिया. ये इलाक़ा अफीम के व्यापार का केंद्र भी है और अब दोनों पक्षों के लिए ये प्रतीकात्मक महत्व का केंद्र बन गया था. | इससे जुड़ी ख़बरें अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान के साथ संघर्ष10 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस तालेबान के ख़िलाफ़ बड़ा सैन्य अभियान07 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस स्वात में हमला, छह लोगों की मौत09 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस काबुल में कार बम हमला, 13 की मौत05 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस काबुल में आत्मघाती हमला, आठ घायल04 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में बड़ा संघर्ष04 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'ख़तरा नहीं' हैं तालेबान: ब्रिटेन29 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान में हिंसा, 45 की मौत17 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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