|
काबुल में कार बम हमला, 13 की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान में अधिकारियों का कहना है कि राजधानी काबुल में हुए एक कार बम हमले में कम से कम 13 लोग मारे गए हैं और अनेक घायल हुए हैं. काबुल में पिछले आठ दिन में ये तीसरा आत्मघाती हमला है. महत्वपूर्ण है कि इन दिनों अमरीकी रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स काबुल में हैं और वे अफ़ग़ानिस्तान में हाल में बढ़ी हिंसा के मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं. उनका कहना है कि हिंसा में वृद्धि का कारण कुछ हद तक तालेबान चरमपंथियों के ख़िलाफ़ अंतरराष्ट्रीय फ़ौजों का चलाया जा रहा अभियान है. सैनिकों की बस पर निशाना बुधवार सुबह जब एक बस दक्षिण-पश्चिमी काबुल में अफ़ग़ान सैनिकों को ले जा रही थी तब उसे कार बम हमले का निशाना बनाया गया. अफ़ग़ान रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि मृतकों में छह सैनिक और सात आम नागरिक हैं. गौरतलब है कि मंगलवार को भी काबुल हवाई अड्डे के पास ऐसा ही धमाका हुआ था. उस हमले में नौटो के सैनिकों को निशाना बनाया गया था जिसमें 22 अफ़ग़ान घायल हो गए थे. अधिकारियों का कहना है कि ताज़ा कार बम धमाके में मृतकों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि अनेक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जिस बस में सैनिक यात्रा कर रहे थे वह कार बम धमाके में पूरी तरह से ध्वस्त हो गई. अफ़ग़ान सैन्य अधिकारियों का कहना है कि उन्हें और प्रशिक्षण और उपकरणों की ज़रूरत है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'नैटो क़ैदियों को सरकार को न सौंपे'13 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस आत्मघाती हमले में 40 की मौत06 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस नैटो को और संसाधन मिलेंगे25 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस तालेबान ने बातचीत की पेशकश ठुकराई30 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस शांति के लिए तालेबान की ज़रूरत25 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस तालेबान के ख़िलाफ़ व्यापक अभियान19 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||